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05/02/2026

हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली से रवाना, कहां गए अब तक सस्पेंस, समर्थकों ने जताया जान का खतरा…

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सत्यम गौड़। बरेली

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को बरेली से रवाना हो गए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह कहां गए हैं या उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

       सूत्रों के मुताबिक अलंकार अग्निहोत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। वहीं कुछ प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वह लखनऊ जा सकते हैं, जबकि एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि उन्हें शामली भेजा गया हो, जहां से उन्हें निलंबन के बाद संबद्ध किया गया है। बरेली से उनका रवाना होना पूरे मामले का अब तक का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

आवास पर नोटिस, भारी पुलिस बल और फिर रवाना

बुधवार सुबह प्रशासन की ओर से अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किया गया। इससे पहले और बाद में पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। आवास के आसपास दामोदर पार्क और अन्य स्थानों पर समर्थकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस लगातार अलर्ट मोड में रही। इसी दौरान एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी सिटी मजिस्ट्रेट आवास के गेट पर पहुंचे थे। नोटिस चस्पा होने के कुछ ही समय बाद यह सूचना सामने आई कि अलंकार अग्निहोत्री बरेली से रवाना हो गए हैं। हालांकि उनके साथ कौन-कौन मौजूद था और वह किस वाहन से रवाना हुए, इसे लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

समर्थकों की रातभर मौजूदगी, आशंका और निगरानी

इस्तीफा और निलंबन के तीसरे दिन तक अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में ही मौजूद थे। इस दौरान उनके समर्थक पूरी रात दामोदर पार्क और आवास के आसपास डटे रहे। समर्थकों को आशंका थी कि उन्हें किसी गोपनीय स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसी वजह से रातभर पुलिस और प्रशासनिक निगरानी बनी रही।

दिन में इस्तीफा, रात में निलंबन

पूरा मामला सोमवार से सुर्खियों में है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण के बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने यूजीसी कानून और शंकराचार्य के अपमान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस्तीफे के बाद देर शाम वह जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पहुंचे। बाहर निकलने के बाद उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया, जिसे जिलाधिकारी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उसी रात शासन ने उन्हें निलंबित कर शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया। पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है।

सड़क से कलक्ट्रेट तक करीब पांच घंटे हंगामा

निलंबन के बाद मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री के तेवर और तल्ख नजर आए। सुबह उन्हें समर्थकों के साथ उनके सरकारी आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। बाहर निकलने की कोशिश में पहले गेट पर ताला मिला, फिर मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात मिला। गेट खुलने के बाद वह समर्थकों के साथ सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद वह जमीन पर धरने पर बैठ गए। सड़क से लेकर कलक्ट्रेट तक करीब पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। शाम को वह अपने सरकारी आवास लौटे, जहां उन्हें दोबारा हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज

पूरे घटनाक्रम के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट, बरेली का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शासकीय कार्यहित में आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त प्रभार के लिए कोई अलग भत्ता देय नहीं होगा। राम जनम यादव अपने वर्तमान पद के साथ-साथ नगर मजिस्ट्रेट के दायित्व भी निभाएंगे। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र सीओ प्रथम आशुतोष शिवम, सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव, कई थानों के इंस्पेक्टर, भारी पुलिस फोर्स और पीएसी मौके पर तैनात रही। पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा।


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