Categories

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

05/02/2026

बरेली कैफे कांड: मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने कोर्ट में किया सरेंडर, सफेद शॉल ओढ़े हंसते हुए दिखा…

Spread the love

              बरेली पुलिस तलाशी का दावा करती रही…

सत्यम गौड़। बरेली

बरेली के चर्चित राजेंद्र नगर कैफे कांड के मुख्य आरोपी और पूर्व बजरंग दल कार्यकर्ता ऋषभ ठाकुर ने शनिवार को जनपद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश देने का दावा कर रही थीं, वह पूरी तरह निश्चिंत होकर कोर्ट पहुंचा।
       सरेंडर के दौरान उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह साथियों के साथ बातचीत करते हुए और ठहाके लगाते हुए दिखाई दे रहा है। आरोपी के चेहरे पर पुलिस की कार्रवाई का कोई खौफ नजर नहीं आया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और घेराबंदी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नर्सिंग छात्रा के बर्थडे में किया था तांडव

पूरा मामला 27 दिसंबर का है, जब राजेंद्र नगर स्थित ‘द डेन’ कैफे में एक नर्सिंग छात्रा अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन मना रही थी। ग्रुप में दो मुस्लिम युवक भी शामिल थे। इसकी भनक लगते ही ऋषभ ठाकुर और उसके साथियों ने कैफे पर धावा बोल दिया था।
       छात्रा ने आरोप लगाया था कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने उसके साथ बदतमीजी की, लव जिहाद का झूठा आरोप लगाया और उसके दोस्तों की बेरहमी से पिटाई की। इस हंगामे के दौरान छात्रा रोती-बिलखती रही और अपने दोस्तों को छोड़ने की मिन्नतें करती रही, लेकिन हमलावरों ने उसकी एक न सुनी।

फरार होकर भी सोशल मीडिया पर था सक्रिय

बवाल का वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया, तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इस केस में 6 आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, लेकिन ऋषभ ठाकुर फरार चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि फरार होने के बावजूद ऋषभ सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव था। अपनी लोकेशन और विचार साझा कर रहा था।
      पुलिस की ‘सुस्ती’ का फायदा उठाते हुए उसने अपनी सुविधानुसार शनिवार को सरेंडर कर दिया। रेस्टोरेंट संचालक शैलेंद्र गंगवार की तहरीर पर ऋषभ और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट और तोड़फोड़ की धाराओं में केस दर्ज है।

पुलिस की जांच में लव जिहाद के दावे निकले झूठे

घटना के वक्त हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि कैफे में धर्म परिवर्तन या लव जिहाद जैसी गतिविधियां चल रही हैं। हालांकि, सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने स्पष्ट किया है कि जांच में ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले। यह पूरी तरह से एक सामान्य बर्थडे पार्टी थी जिसमें छात्र-छात्राएं शामिल थे।
      पुलिस ने जांच के बाद पाया कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने महज शक के आधार पर कानून हाथ में लिया और दहशत फैलाई। फिलहाल कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में ले लिया है, वहीं पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।


Spread the love