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05/02/2026

अब अवैध निर्माण करना हुआ बड़ा आसान, बन जाओ भाजपा पार्टी के महापौर, कर लो चाहे जितना अवैध निर्माण, अपने ही चाय ठेले के बाहर किया जा रहा है लगातार अवैध निर्माण, ननि. कमीश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय की कार्यशैली पर फिर से उठे कई सवाल, लिखित शिकायत देने के बाद भी अब तक लगातार जारी रहा उक्त अवैध अतिक्रमण

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रायगढ़ से रजत शर्मा

रायगढ़ के मिनिमाता चौक स्थित विश्वासगढ़ चर्च के समीप एक चाय दुकान के बाहर अतिक्रमण की लिखित सूचना देने के बाद भी नगर निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। मामला काफ़ी सुर्खियों में है। नगर के मिनिमाता चौक स्थित विश्वासगढ़ चौक के समीप सड़क किनारे चाय और पान की दुकान (ठेला) स्थित है जिसका संचालन शहर के भाजपा पार्टी के महापौर जीवर्धन चौहान द्वारा महापौर बनने तक का सफर तय करने के पहले तक लगातार खुद ही किया जाता रहा है। आपको बता दें कि, जीवर्धन चौहान वर्ष 1996 में भाजपा के सदस्य बने व 1998 में वार्ड अध्यक्ष एवं 2004 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर कार्यकारिणी सदस्य रहे।

छत्तीसगढ के वित्तमंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी रायगढ़ नगर में हुऐ नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से महापौर प्रत्याशी जीवर्धन चौहान के प्रचार प्रसार के लिए जब पहुँचे थे तब जीवर्धन चौहान की चाय की दुकान पर पहुँच कर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने पहले चाय बनाई थी और फिर वो चाय वहाँ मौजूद लोगों को भी पिलाई थी जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था और मीडिया के समक्ष वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा रखे गये अपने पक्ष में यह भी स्पष्ट किया था कि, भारतीय जनता पार्टी ने रायगढ़ में 29 साल से पार्टी का सेवा कर रहे एक चाय वाले को महापौर का प्रत्याशी बनाया है ये इस बात का प्रमाण है कि, भारतीय जनता पार्टी में कोई पैसे का प्रभाव व पद का दुरुपयोग जैसी चीजें नहीं होती है यहाँ जो सच्चा, प्रतिबद्ध, ईमानदार कार्यकर्ता है उसकी इतना सम्मान है ये उदाहरण है, जीवर्धन चौहान को भाजपा के द्वारा महापौर का प्रत्याशी बनाया जाना और ये पूरे रायगढ़वासियों के लिए बहुत गर्व का विषय है बहुत हर्ष का विषय है कि एक विनम्र व्यक्ति को, एक ईमानदार व्यक्ति को 29 साल से राजनीति कर रहे हैं अगर उनको पद का दुरूपयोग करना रहता, तो कुछ भी करके आर्थिक रूप से बड़ा व्यक्ति बन सकते थे लेकिन उन्होने ईमानदारी से अपना जीवन जीया, ईमानदारी के साथ पार्टी का काम किया और विनम्रता, ईमानदारी के प्रतिमूर्ति हैं।

जीवर्धन चौहान के द्वारा महापौर का चुनाव जीत जाने के बाद उनकी उक्त चाय की दुकान पर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुँचे और उनके द्वारा भी चाय बनाई गई थी और उक्त चाय को जीवर्धन चौहान द्वारा वहाँ उपस्थित लोगों को भी चाय पिलाई गई थी जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था।

वहीं जीवर्धन चौहान के द्वारा जब महापौर का चुनाव जीत जाने के बाद मीडिया के समक्ष रखे गये अपने पक्ष में कहा था कि, मैं तो सबसे पहले मैं रायगढ़ के देव तुल्य जनता को इस जीत की बधाई देता हूँ और हमारे छत्तीसगढ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को बधाई देता हूँ और हमारे रायगढ़ के लाडले विधायक यह ओपी चौधरी के विकल्प कार्य को जो मैं जनता के बीच लेके गया, आज वो जनता ने मेरे ऊपर विश्वास करके आशीर्वाद दिया है, मैं रायगढ़ के हमारे ओपी भैय्या विधायक जी के सहयोग से रायगढ़ की जनता का सेवा करूंगा और उनके कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा।

मैं एक गरीब परिवार से हूँ चाय बेचके अपना जीवन यापन करता हूँ मैं एक गरीब को क्या चीज की आवश्यकता पड़ती है उससे मैं भी वंचित रहा हूँ उस मूलभुत सुविधा को लेकर जनता के बीच जाऊंगा, उनका समाधान करूंगा और जनता की सेवा करूंगा। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था। पिछले कुछ दिनों से शहर भर में चर्चा का पर्याय है एक अतिक्रमण, जो विस्वासगढ़ चर्च के समीप स्थित एक चाय के ठेले के बाहर हो रहा है, जो की रायगढ़ शहर के प्रथम नागरिक (महापौर) का है। वहीं महापौर बनने के 1 वर्ष बाद ही ऐसी अनीति कर रहे हैं। आसपास के ठेलों को नगर निगम ने अतिक्रमण मुक्त करने हेतु हटवा दिया और वहां के छोटे व्यापारियों ने विकासकार्य में अपनी भूमिका निभाते हुए इस फैसले का सम्मान किया। लेकिन महापौर के दुकान के बाहर इस अवैध निर्माण को होते देख लोग बहुत आक्रोशित है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठा रहे हैं। इस निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाना जनहित में होगा, अन्यथा शहर को अतिक्रमण मुक्त करवाने का निगम का सपना कहाँ से पूरा हो पायेगा क्योंकि यह जन जन में चर्चा का पर्याय बनेगा।वहीं अवैध निर्माण को लेकर ननि. कमीश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

युवा संकल्प संगठन के कार्यकर्ता/पदाधिकारियों द्वारा जब ननि. कमीश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय को उनसे मिलकर उनके समक्ष अपना पक्ष रखकर उन्हे अपना ज्ञापन सौंपना चाहा गया, तब क्षत्रिय जी ने उनसे मिलना तक उचित नहीं समझा गया

और उन लोगों को देखकर ही मुड़ गये और उनसे कहे कि मैं पहले वीडियो कॉन्फ्रेंस में हूँ। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद युवा संकल्प संगठन द्वारा उन्हे व्हाट्सएप के माध्यम से थोड़ा समय चाहिए का संदेश भेजा गया तब भी क्षत्रिय के द्वारा कोई और किसी भी प्रकार का उन्हे कोई जवाब/प्रतिक्रिया तक नहीं दिया गया। उसके बाद थोड़ा इंतजार करने के बाद युवा संकल्प संगठन द्वारा ननि. के आवक जावक में अपना ज्ञापन सौंप पावती प्राप्त की गई और उक्त पावती की फोटो ननि.कमीश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय को व्हाट्सएप कर उनसे तत्काल कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया। उक्त अतिक्रमण के संबंध में जब सलाम नेशन वेबपोर्टल के प्रतिनिधि द्वारा ननि.कमीश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय से उन्हे उनके मोबाईल नंबर में दिनाँक 23 नवंबर को दो बार, 24 नवंबर को 3 बार व 25 नवंबर को चार बार समय समय पर कॉल करके संपर्क करने का प्रयास किया गया तब भी उनके द्वारा कॉल रिसिप्ट तक नहीं किया गया और न ही कोई कॉल बेक 26 नवंबर तक किया गया यहाँ तक की सलाम नेशन वेबपोर्टल के प्रतिनिधि ने उनसे मिलने हेतु 23 नवंबर से 25 नवंबर तक लगातार उनसे उक्त अतिक्रमण के संबंध में चर्चा करने हेतु ननि. कार्यालय तक समय समय पर पहुँचा भी गया तब तब भी उनकी गैर मौजूदगी ननि.में पाई गई।

तब उनके द्वारा कहा गया कि-अरे भैय्या सामने में मिलिऐगा भैय्या, फोन में क्या बात करेंगे भैय्या, मेरा दुकान 25 साल से है, है न, वहाँ आपको सांत्वना के लिए आप जा करके देख सकते हैं मेरी जानकारी में तो नई है लेकिन भतीजा लोग कुछ करते होंगे तो मैं उनको मना कर देता हूँ, मिलिऐगा फिर, अभी तो मैं व्यस्तता है। कहते हुए महापौर जीवर्धन चौहान द्वारा उक्त कॉल को काट दिया जाता है।

मामले में भवन विभाग के सहायक भवन अधिकारी सूरज देवांगन का है कहना–

अपने को नहीं मालूम उक्त किये जा रहे पक्के निर्माण की परमिशन लिया गया है, भवन शाखा में उक्त निर्माण से संबंधित जानकारी नहीं है।


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