ब्यावर कैलाशपती महादेव मंदिर भव्य गरबा रास
ब्यावर // ढोल बाजे गरबा रास में खूब मच रहा है धमाल, विभिन्न रंगीन परिधानों में नृतक कर रहे है नृत्य गरबा रास महोत्सव में देर रात तक गरबा गायकों ने लोकवाद्यों की धुनों पर एक से बढ़कर एक गरबों का गायन करते हुए हर्ष और उल्लास के सागर में नहला दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तथा महिलाओं ने बड़ी संख्या में गरबा नृत्यों पर नाचते-झूमते थिरकते हुए सामूहिक सामाजिक उत्सवी आनन्द का परिचय कराया। महोत्सव का मुख्य अतिथि मुकेश बाफना ने दीप प्रज्वलन कर किया।उन्होंने अपने उद्बोधन में गरबा रास को देवी उपासना में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि सामाजिक स्तर पर इस प्रकार के आयोजनों से पारस्परिक समन्वय के साथ बहुविध मंगलकारी परिवेश को सम्बल प्राप्त होता है।शरद पूर्णिमा पर समाज की महिलाओं द्वारा आयोजित यह पहला आयोजन उत्साही भागीदारी का दिग्दर्शन कराता है।
गरबा समिति की ओर से हर वर्ष इस तरह का आयोजन किया जाएगा।दीपांशु गहलोत ,यश जांगिड़ ,उम्मेद सिंह ,मोनू दग्दी ,संदीप ,गौरव भाटी ,राहुल ,हरि ओम ,प्रकाश माली सहित समाज की महिला प्रतिनिधियों ने गरबा गायकों एवं अतिथियों का स्वागत किया।




