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06/05/2026

मणिपुर में शहीद हुआ बस्तर का वीर सपूत रंजीत तिरंगे में लिपटकर लौटा, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

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जगदलपुर: मणिपुर में हुए उग्रवादी हमले में बस्तर का लाल रंजीत सिंह कश्यप शहीद हो गया. आज शहीद रंजीत का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गृहग्राम गांव बालेंगा पहुंचा. पूरा गांव शहीद की अंतिम यात्रा का साक्षी बना. इस दौरान गांव की गलियां शहीद रंजीत अमर रहे के नारों से गूंज उठीं. हर आंख नम थी, हर दिल गर्व और गम के मिले-जुले भाव से भरा हुआ था.

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मंत्री केदार कश्यप, स्थानीय विधायक लखेश्वर बघेल, कलेक्टर हरीश एस और एसपी शलभ सिन्हा सहित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी गांव पहुंचकर शहीद रंजीत सिंह कश्यप को श्रद्धांजलि दी.

माता-पिता का था इकलौता बेटा

दरअसल 19 सितंबर को मणिपुर के विष्णुपुर जिले में 33 असम राइफल्स के काफिले पर हमला हुआ था. उसी हमले में रंजीत ने अपने प्राणों की आहुति दे दी. 2016 में असम राइफल्स से जुड़ने वाले रंजीत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं, जिनमें से सबसे छोटी मासूम अभी केवल चार महीने की है.

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मिलनसार और मददगार था शहीद रंजीत

पिछले महीने ही रंजीत घर आए थे. उन्होंने पत्नी से वादा किया था कि अगली बार लंबी छुट्टी में आएंगे और बेटी का नामकरण करेंगे, लेकिन वो लौटे भी तो तिरंगे में लिपटे हुए. गांव वालों के मुताबिक रंजीत बचपन से ही बेहद मिलनसार और मददगार थे. देश सेवा का जज्बा उनमें हमेशा से था.


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