ग्राम पंचायत पोड़ी बचरा: भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त
बैकुंठपुर, कोरिया: जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत पोड़ी बचरा में भ्रष्टाचार का मकड़जाल फैलता जा रहा है। सरपंच सुशीला सिंह और सचिव भान प्रताप सिंह पर मिलीभगत से लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह सिर्फ एक या दो मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की एक लंबी श्रृंखला है, जिसमें कई विकास कार्यों में अनियमितताएं सामने आई हैं।
पंचायत भवन से सड़क तक, हर काम में घोटाला
भ्रष्टाचार की इस कहानी का पहला अध्याय ग्राम पंचायत भवन की मरम्मत से शुरू होता है। मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की वसूली का आरोप है, जबकि वास्तविक कार्य की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है।
दूसरा बड़ा मामला नाली की सफाई और ढक्कन निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि इस कार्य के लिए भी लाखों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर काम अधूरा या निम्न गुणवत्ता का है।
इन दोनों मामलों की शिकायत जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी और जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी से की गई थी। शिकायत के एक महीने बीत जाने के बाद भी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब एक और नया मामला सामने आया है: सड़क का मुरमीकरण कार्य। इस कार्य में भी लाखों रुपये का घोटाला होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार प्रवेश जैसवाल के नाम पर भारी राशि का आहरण किया गया है।
प्रशासन की चुप्पी और जनता में आक्रोश
ग्राम पंचायत में हो रहे इन लगातार घोटालों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, तो न्याय के लिए कहाँ जाएं? जिला प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना रही है। क्या शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, या फिर इस भ्रष्टाचार में और भी बड़े लोग शामिल हैं?
यह मामला सिर्फ एक ग्राम पंचायत का नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक बानगी है। जरूरत है कि प्रशासन इन शिकायतों पर तत्काल संज्ञान ले और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके और विकास का पैसा सही मायनों में जनता तक पहुँच सके।




