31/10/2026

चक्रवात अर्नब से किसानों की बढ़ी चिंता! धान की फसल को नुकसान, 72 घंटे में यहां करें शिकायत।

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टमटोरा और रामटेक में राजस्व-कृषि विभाग ने किया फसलों का निरीक्षण, जलभराव और गिरी हुई धान की फसल का लिया जायजा

 

फसल बीमा कराने वाले किसान 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं नुकसान की सूचना, जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 31 अक्टूबर 2026। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से खरीफ सीजन की फसलों को हुए नुकसान के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत और फसल बीमा का लाभ दिलाने के उद्देश्य से राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें खेतों तक पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। इस कार्य में संबंधित फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

 

कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर जिले के प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण का काम तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में 31 अक्टूबर को सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम टमटोरा और रामटेक में अधिकारियों की टीम ने खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर धान की फसल जमीन पर गिरी हुई मिली, वहीं खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान होने की स्थिति भी सामने आई।

खेतों में पहुंचकर अधिकारियों ने देखा नुकसान

 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया और क्षेत्रवार नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य जल्द और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। साथ ही प्रभावित किसानों को शासन के नियमों के अनुसार राहत एवं क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 

जलभराव वाले खेतों से पानी निकालने की सलाह

 

उप संचालक कृषि श्री आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि विभाग की टीमें लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी कर रही हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जिन खेतों में पानी भरा हुआ है, वहां से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसल को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

 

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने, फसलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने और प्रभावित किसानों को फसल बीमा की सूचना दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

फसल बीमा कराने वाले किसान 72 घंटे के भीतर दें सूचना

 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। प्राकृतिक आपदा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को नुकसान होने पर संबंधित किसान को घटना की जानकारी निर्धारित समय-सीमा यानी 72 घंटे के भीतर दर्ज करानी होगी।

 

इसके लिए किसान निम्न माध्यमों से अपनी शिकायत या फसल क्षति की सूचना दे सकते हैं।

 

– टोल फ्री हेल्पलाइन: 14447

– व्हाट्सएप नंबर: 7065514447

– ऑनलाइन माध्यम: कृषि रक्षक पोर्टल

– लिखित सूचना: कृषि विभाग के माध्यम से संबंधित बीमा कंपनी को

 

प्रशासन ने बीमित किसानों से अपील की है कि फसल नुकसान की जानकारी देने में देरी न करें और निर्धारित 72 घंटे की समय-सीमा के भीतर सूचना दर्ज कराएं, ताकि बीमा दावा प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

 

जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण कर रही हैं। अब किसानों को उम्मीद है कि नुकसान का सही आकलन होने के बाद उन्हें नियमानुसार राहत और बीमा का लाभ मिल सकेगा।


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