महासमुंद जिला न्यायालय पहुंचे मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश
महासमुंद | 11 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय महासमुंद का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने न्यायालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से 10 वर्ष से अधिक पुराने एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने न्यायालय कक्ष, मालखाना, रिकॉर्ड रूम, नजारत, ग्रंथालय, अधिवक्ता कक्ष तथा डिजिटाइजेशन केंद्र का अवलोकन किया।
उन्होंने न्यायालय परिसर की साफ-सफाई, उद्यान के रखरखाव और न्यायालयीन कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की।
मुख्य न्यायाधिपति ने न्यायिक अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों को समय पर और पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना न्यायपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की गई।
उन्होंने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए समझौता योग्य प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति से शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधिपति ने अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों से भी चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
इसके बाद उन्होंने जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (एडीआर भवन) का निरीक्षण किया।
यहां मध्यस्थता कक्ष, एलएडीसीएस कक्ष, पैरालीगल वॉलंटियर प्रशिक्षण कक्ष तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
साथ ही कुटुंब न्यायालय महासमुंद का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय महासमुंद का औचक निरीक्षण किया।
10 वर्ष से अधिक पुराने एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश।
न्यायालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की सराहना।
18 जुलाई की विशेष लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा।
एडीआर भवन एवं कुटुंब न्यायालय का भी किया निरीक्षण।













