10 रुपये की फ्रूटी बनी मासूम की मुसीबत! पाउच के अंदर दिखी छिपकली की चमड़ी, 2 साल की बच्ची की बिगड़ी तबीयत…
(भुनेश्वर निराला) आवाम की आवाज़ न्यूज़,|सारंगढ़
धमतरी। जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पैकेज्ड पेय पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करेली बड़ी क्षेत्र में एक 2 वर्षीय बच्ची द्वारा फ्रूटी पाउच पीने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जब परिजनों ने पाउच की जांच की तो उसके अंदर ऐसा दृश्य दिखाई दिया जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय दुकान से खरीदे गए 100 एमएल के फ्रूटी पाउच को बच्ची ने जैसे ही पीना शुरू किया, कुछ देर बाद उसे बेचैनी और अस्वस्थता महसूस होने लगी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तुरंत पाउच को ध्यान से देखा। पाउच के भीतर करीब तीन इंच लंबा संदिग्ध अवशेष दिखाई दिया, जिसे देखकर परिवार के लोग दंग रह गए।
प्रारंभिक स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पाउच में मिला अवशेष छिपकली की चमड़ी जैसा प्रतीत हो रहा है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोगों में पैकेज्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गया। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह संदिग्ध पदार्थ उत्पादन प्रक्रिया के दौरान पैकेट में पहुंचा या फिर सप्लाई और स्टोरेज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई।
इधर अस्पताल में बच्ची का उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन घटना ने खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही या गुणवत्ता नियंत्रण में खामी साबित होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर एक मासूम बच्ची तक यह खतरनाक लापरवाही कैसे पहुंची।









