लैलूंगा में खाद-बीज संकट से किसान परेशान, घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी लौट रहे खाली हाथ….
लैलूंगा क्षेत्र में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। खाद, बीज और कृषि आदानों की कमी के कारण किसान सुबह से ही कृषि सेवा केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई किसानों का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें जरूरत का सामान नहीं मिल पा रहा, जबकि निजी दुकानों में वही सामग्री अधिक कीमत पर बेची जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर लैलूंगा सरपंच संघ के अध्यक्ष शिव प्रकाश भगत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कालाबाजारी और अव्यवस्था का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसानों को राहत देने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब बने हुए हैं।
सुबह से लाइन, फिर भी नहीं मिल रहा खाद-बीज
स्थानीय किसानों के अनुसार कई केंद्रों में सुबह 5 से 6 बजे से ही भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। किसान अपनी बारी आने का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन स्टॉक सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इससे खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है और बुवाई में देरी की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हुए तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
निजी दुकानों पर अधिक कीमत वसूली के आरोप
सरकारी केंद्रों में सामग्री नहीं मिलने के बाद किसान मजबूरी में निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ दुकानदार खाद और बीज निर्धारित कीमत से काफी अधिक दर पर बेच रहे हैं। किसानों के मुताबिक यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी खाद पर अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेती का समय निकल जाने के डर से किसान मजबूरी में महंगे दामों पर सामान खरीद रहे हैं। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
सरपंच संघ अध्यक्ष शिव प्रकाश भगत ने प्रशासन और कृषि विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सभी केंद्रों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करने और निजी दुकानों की जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसानों की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
किसानों में बढ़ रही नाराजगी
लगातार हो रही परेशानी के कारण किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई किसानों का कहना है कि हर साल खरीफ सीजन से पहले इसी तरह की समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाता। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कदम उठाकर राहत पहुंचाएगा ताकि बुवाई का कार्य समय पर पूरा हो सके।









