शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर मान्यता समाप्ति की कार्रवाई
फीस, पाठ्यपुस्तक, गणवेश और मान्यता संबंधी प्रावधानों का अनिवार्य पालन
कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी की अशासकीय विद्यालय संचालकों के साथ बैठक
रायगढ़, 24 फरवरी 2026/ जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने जिले के सभी निजी एवं अशासकीय विद्यालयों के संचालकों की अहम बैठक लेकर आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी निजी विद्यालय अपने यहां लागू गणवेश का नमूना विद्यालय परिसर में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करेंगे। साथ ही सत्र 2026-27 में संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों की सूची सूचना पटल पर चस्पा करना अनिवार्य होगा। सूचना पटल पर यह उल्लेख भी स्पष्ट रूप से करना होगा कि विद्यार्थी गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से खरीद सकते हैं। किसी भी छात्र या अभिभावक को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया कि विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली अधिसूचित फीस का मदवार विवरण भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए। इसके अतिरिक्त विद्यालय की विभागीय मान्यता एवं संबंधित शिक्षा बोर्ड की संबद्धता प्रमाणपत्र की प्रति भी सूचना पटल पर लगाना अनिवार्य होगा, जिससे पालकों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध हो सके।
डॉ. राव ने शिक्षा संहिता के अध्याय-6 की कंडिका 95 एवं 96 के अनुसार ही पाठ्यपुस्तकों का चयन करने के निर्देश दिए। चयनित पुस्तकों की सूची संबंधित बोर्ड से अनुमोदित कर सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ उसकी एक प्रति जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना भी आवश्यक होगा। कंडिका 97 के तहत स्वीकृत पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि कोई भी विद्यालय अपने नाम से कॉपी या किताबों का मुद्रण नहीं कराएगा और न ही विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करेगा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विद्यालय में नियमों के विपरीत स्थिति पाई जाती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता समाप्ति सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संस्था की स्वयं की होगी।







