बाल विवाह के खिलाफ छेड़ी गई बड़ी मुहिम, लोगों को दिलाया कड़ा संकल्प”…
सत्यम गौड़। फरीदपुर
फरीदपुर क्षेत्र में बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत बरेली से आई विशेष टीम ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। टीम ने स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और युवाओं से संवाद कर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अभियान का नेतृत्व सुपरवाइजर मेघा वर्मा और दिव्या कठेरिया ने किया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है और उनका भविष्य असुरक्षित हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
टीम ने लोगों को बताया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित प्रशासन को सूचित करें। सरकार और प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और समाज के सहयोग के बिना इस कुप्रथा को समाप्त करना संभव नहीं है।
इस दौरान क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। अभियान में गौ रक्षक विकास ठाकुर, गौ रक्षक प्रवेश यादव तथा मनोज ठाकुर ने भी भागीदारी निभाई और बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करने का समर्थन किया।
अंत में टीम ने उपस्थित लोगों को “बाल विवाह मुक्त भारत” का संकल्प दिलाते हुए कहा कि समाज के सामूहिक प्रयास से ही बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।




