मौलाना शहाबुद्दीन बोले- गाय के मांस से बीमारियां होती हैं: बरेली में कहा- सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे, मुसलमानों से की पालने की अपील…
सत्यम गौड़। बरेली
यूपी में गायों को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बड़ा बयान सामने आया है। मौलाना ने केंद्र और प्रदेश सरकार से गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि इस एक फैसले से देश के कई संवेदनशील और सांप्रदायिक मसले हमेशा के लिए हल हो जाएंगे।
मुगल और ब्रिटिश काल का दिया हवाला
मौलाना रजवी ने कहा कि इतिहास गवाह है, चाहे मुगल शासन हो, ब्रिटिश काल हो या आजादी के बाद का दौर-गाय को लेकर हिंदू-मुस्लिम के बीच कई बार फिरकावाराना फसादात (सांप्रदायिक दंगे) हुए हैं। इन विवादों और दंगों को जड़ से खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि गाय को राष्ट्र पशु का दर्जा दे दिया जाए।
इस्लामिक नजरिया: ‘दूध में शिफा, मांस में बीमारी’
धार्मिक और स्वास्थ्य पहलुओं को जोड़ते हुए मौलाना ने पैगंबर इस्लाम की हदीस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गाय के दूध में शिफा है, यह सेहत के लिए औषधि के समान है। गाय के मांस में बीमारियां छिपी होती हैं, इसलिए इसे खाने से बचना चाहिए। पैगंबर की मंशा भी यही है कि गाय की रक्षा हो और उसका दूध परिवार व बच्चों की सेहत के लिए इस्तेमाल किया जाए।
मौलाना ने मुस्लिम समुदाय से खास अपील करते हुए कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा गाय पालें और उसकी सेवा करें। उन्होंने जोर दिया कि पैगंबर इस्लाम की बातें 100% सच साबित होती हैं, इसलिए मुसलमानों को गाय का सम्मान कर समाज में सौहार्द की मिसाल पेश करनी चाहिए।
सियासी माहौल में मौलाना का दांव
बता दें कि हाल ही में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय के मुद्दे पर सरकार को घेरा था, जिसके बाद पशुधन मंत्री ने सफाई दी थी कि योगी सरकार में गायों का कटान बंद हुआ है। ऐसे माहौल में बरेलवी मौलाना का यह प्रस्ताव सरकार के लिए बड़ा समर्थन माना जा रहा है।
“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘गोदान’ फिल्म का पोस्टर रिलीज किया है, जिसमें गाय की सुरक्षा की बात है। मेरी सरकार से मांग है कि इसे राष्ट्र पशु घोषित करें। इससे समाज में भाईचारा बढ़ेगा।”




