बरेली गौशाला में गोवंश की मौत, प्रधान पति पर FIR: चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, सफाई अभियान जारी…
सत्यम गौड़। बरेली
बरेली की आंवला तहसील के अनिरुद्ध गांव स्थित गौशाला में अव्यवस्था के कारण कई गोवंश की मौत का मामला सामने आया है। यह गौशाला प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र में आती है। इस घटना के बाद ग्राम प्रधान के पति और केयरटेकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने गौशाला के सचिव, पशु चिकित्सक अधिकारी, बीडीओ और नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने इस संबंध में शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है।
गौशाला की दुर्दशा बीते बुधवार को तब उजागर हुई, जब दो दर्जन गोवंश की मौत की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मृत गोवंश को गड्ढों में छिपाया जा रहा था, जबकि बीमार पशुओं को जानवर नोच रहे थे।

मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने पर एडीएम पूर्णिमा सिंह और एसडीएम विदुषी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान भारी अव्यवस्था पाए जाने पर पशु चिकित्सक और सचिव के निलंबन, प्रधान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने और केयरटेकर को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
ग्राम पंचायत सचिव शिप्रा सिंह ने ग्राम प्रधान रचना देवी, उनके पति दिनेश कुमार और केयरटेकर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि 14 जनवरी की शाम को गौशाला के निरीक्षण के दौरान उन्हें चार मृत गोवंश मिले थे।
एसडीएम विदुषी सिंह ने गौशाला का निरीक्षण कर बीमार गोवंश का उपचार सुनिश्चित कराया। उन्होंने पुराने केयरटेकर को हटाकर विनोद कुमार को नया केयरटेकर नियुक्त किया और गौशाला की सफाई करवाई। गोवंश को सर्दी से बचाने के लिए त्रिपाल और बोरे की व्यवस्था की गई, साथ ही 40 क्विंटल हरा चारा और 10 कट्टे चोकर का भी इंतजाम किया गया।
एसडीएम ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा और सचिव शिप्रा सिंह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। पशु चिकित्सक को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए वेतन रोका गया है। कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है कार्रवाई शासन स्तर से ही की जाएगी।




