सुशील सियाग ने ऊबड़ खाबड़ सीतो रेलवे फाटक ट्रैक पर किसी बड़ी दुर्घटना का जताया अंदेशा
*👉सियाग ने चिंता करते हुए कहा कि सीतो फाटक के पार कई प्रसिद्ध स्कूल है जहां हजारों बच्चे और वाहन जान जोखिम में डालकर आना-जाना करते हैं*
*👉सुशील सियाग ने रेलवे विभाग और प्रशासन से सीतो रेलवे फाटक का ऊबड़ खाबड़ ट्रैक को समतल करने की मांग*
अबोहर,4 दिसम्बर:सरपंच यूनियन ब्लॉक अबोहर के पूर्व प्रधान तथा संघर्षशील भाजपा नेता सुशील सियाग ढींगा वाली ने अबोहर में स्थित सीतो गुनो वाला रेलवे फाटक से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक के सड़क से टैपर स्वरूप और ऊबड़ खाबड़ होने के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका जताई है।सियाग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पेज से ट्रैक और लाइव होकर गुजरते व्हीकल्स को लाइव दिखाते हुए कहा कि खास करके ट्रक,हैवी व्हीकल या ऊंचे बीढों वाले ट्रॉले जब रेलवे फाटक के बीच स्थित दोनों ट्रैक पर से गुजरते है तो रेलवे के बीच ऊबड़ खाबड़ जगह होने के कारण ट्रैक पर व्हीकल्स के उलटने का बहुत भारी खतरा रहता है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना होने का कारण बन सकता है।सियाग ने कहा कि यहां पर दोहरी दुर्घटना होने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।जिस तरह जब फाटक खुलता है तो दोनों तरफ से वहीकल आते हैं तो एक तरफ का जो भारी वाहन है वह दूसरे के ऊपर भी उलट सकता है।सियाग ने बताया कि सीतो रोड़ यहां पर अबोहर शहर के कई बड़े और प्रसिद्ध स्कूल भी स्थित है जहां हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे पढ़ते है और स्कूलों की कई दर्जनों वैन तथा वाहन यहां से रोजाना गुजरते है यदि कोई ट्राला या बड़ा व्हीकल किसी व्हीकल या स्कूल वैन के ऊपर गिर गया तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है।सियाग ने कहा कि यह बड़ी हैरानीजनक बात है की वर्षों से लम्बित इस मुख्य रेलवे ट्रैक की समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान क्यों नहीं गया।सियाग ने प्रशाशन और रेलवे की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि शायद सरकार और प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है और यह दुर्भाग्य की बात है कि जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है या कोई जानी नुकसान होता है तब जाकर प्रशासन और शासन की आंखें खुलती है।सियाग ने प्रशासन से मांग की है कि बिना किसी देरी के सीतो गुनो वाला रेलवे फाटक की जगह को समतल किया जाए और इस दुर्घटना रहित और सुरक्षित बनाया जाए ताकि लोगों की जान जोखिम में नए पड़े।यह इलाकवासियों की प्रशासन से मांग है।




