डीएम ने पेश की इंसानियत की मिसाल, रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश…
सत्यम गौड़। बरेली
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सोमवार को जिला चिकित्सालय पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान किया और समाज को मानवता तथा सेवा का संदेश दिया। उन्होंने स्वयं रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया कि जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। जिलाधिकारी के इस कदम की अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने सराहना की।
रक्तदान को बताया सबसे बड़ा महादान
रक्तदान के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिससे किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल मरीजों, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और प्रसूताओं को समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। ऐसे में रक्तदाता किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लोगों से आगे आने की अपील
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जबकि चिकित्सकीय दृष्टि से यह पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। इससे न केवल जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिलता है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
रक्तदान से नहीं आती कमजोरी
अविनाश सिंह ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। मानव शरीर कुछ ही समय में नए रक्त का निर्माण कर लेता है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रक्तदान से शरीर के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से रक्तदान अभियान में भागीदारी करने का आह्वान किया।
चिकित्सकों ने भी किया जागरूक
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह सहित जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ ने कहा कि रक्त की आवश्यकता कभी भी किसी को पड़ सकती है, इसलिए प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त कई मरीजों के उपचार में उपयोगी साबित हो सकता है और किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
जिलाधिकारी के रक्तदान करने से अस्पताल में मौजूद लोगों और कर्मचारियों में भी उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ऐसी पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अधिक से अधिक लोग रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के लिए प्रेरित होते हैं।









