3000 करोड़ के कथित घोटाले में कार्रवाई की मांग तेज : अमित कुमार सिंह तोमर
सत्यम गौड़। बरेली
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ समाजसेवी अमित कुमार सिंह तोमर ने प्रदेश और केंद्र सरकार से कथित 3000 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में नाम सामने आने वाले कन्हैया गुलाटी, मौर्य बंधु और गोला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े इस मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई न होना गंभीर चिंता का विषय है।
हजारों परिवारों की गाढ़ी कमाई फंसी
अमित कुमार सिंह तोमर ने कहा कि इस कथित घोटाले में बड़ी संख्या में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी फंस गई। कई परिवारों ने बेहतर भविष्य और अधिक मुनाफे की उम्मीद में निवेश किया था, लेकिन आज वे अपनी ही रकम वापस पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पीड़ित निवेशकों को जल्द न्याय मिलना चाहिए।
कन्हैया गुलाटी पर पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
उन्होंने कहा कि कन्हैया गुलाटी का नाम पहले भी चर्चित निवेश घोटालों में सामने आता रहा है। विभिन्न जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों में निवेशकों से बड़ी रकम जुटाने तथा भुगतान न करने के आरोपों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में सरकार और जांच एजेंसियों को इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
संरक्षण देने वालों की भी हो जांच
भाकियू नेता ने मांग की कि केवल आरोपितों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति, अधिकारी या अन्य व्यक्ति ने आरोपितों को बचाने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ितों को मिले उनकी मेहनत की कमाई
तोमर ने कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य अपराधों से अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि इनमें हजारों परिवारों की उम्मीदें और सपने टूट जाते हैं। उन्होंने मांग की कि आरोपितों की संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त किया जाए और वैधानिक प्रक्रिया के तहत पीड़ित निवेशकों को उनकी धनराशि वापस दिलाने की व्यवस्था की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
अमित कुमार सिंह तोमर ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसान संगठन तथा सामाजिक संस्थाएं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करना चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई भी व्यक्ति जनता की गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।









