चाय दुकान के पीछे चल रहा था शराब का काला कारोबार, पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में शराब और नकदी बरामद….
रायगढ़। शहर में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जूटमिल पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर भारी मात्रा में शराब और बिक्री से जुड़ी नकदी बरामद की है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के एक इलाके में लंबे समय से चोरी-छिपे अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही साइबर सेल और जूटमिल पुलिस की संयुक्त टीम ने निगरानी शुरू की। जांच के दौरान एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता दिखाई दिया, जिसकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर टिक गई।
पुलिस ने युवक को रोककर पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी ने बताया कि उसने बिक्री के लिए बड़ी मात्रा में शराब अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो पेड़ों और झाड़ियों के पीछे छिपाकर रखी गई बोरियों से शराब का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने तलाशी के दौरान 92 पौवा देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की। इसके साथ ही अवैध बिक्री से अर्जित हजारों रुपये नकद भी बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री में सक्रिय था। बरामद शराब की कीमत और नकदी को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की।
संयुक्त कार्रवाई से खुला नेटवर्क
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि साइबर सेल और जूटमिल पुलिस ने मिलकर तकनीकी और जमीनी सूचना के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध शराब के एक सक्रिय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
नशे के कारोबारियों को चेतावनी
रायगढ़ पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और ऐसे कारोबार से जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चाय दुकान के पीछे छिपाकर रखी गई शराब की खेप पकड़े जाने के बाद अब इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि पुलिस की नजर से बच पाना नशे के कारोबारियों के लिए दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।









