Gold-Silver Price Crash: ट्रंप के एक इशारे से टूटा बाजार, ₹25 हजार सस्ता हुआ सोना, चांदी में अब भी बड़ी गिरावट के संकेत…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
सोना-चांदी बाजार में ऐसा भूचाल आया है जिसने निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी को चौंका दिया है। कुछ महीने पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहा गोल्ड अब तेजी से फिसल रहा है, जबकि चांदी में भी ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों आम लोगों की पहुंच में आ सकते हैं।
ट्रंप के एक बयान के बाद बाजार में मचा हड़कंप
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव और अमेरिका की नीतियों को लेकर बने माहौल ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जहां कच्चे तेल की कीमतें लगातार उछल रही हैं, वहीं निवेशकों ने सोने और चांदी से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसी का असर है कि पिछले कुछ महीनों में दोनों धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि जनवरी के बाद से सोने की कीमत करीब ₹25 हजार तक टूट चुकी है, जबकि चांदी में ₹1.25 लाख से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। बाजार में इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी करने वालों के लिए यह राहत की खबर बन गई है।
दो महीने के सबसे निचले स्तर पर सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार दबाव में बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि गोल्ड अब पिछले दो महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी भी तेजी से फिसली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक दबाव ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। पहले जहां लोग सुरक्षित निवेश मानकर सोने में पैसा लगा रहे थे, अब वही निवेशक दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
भारत में भी टूटा बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स पर सोने और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोना हजारों रुपये टूटकर नीचे आ गया, जबकि चांदी में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले समय में कीमतें और नीचे जा सकती हैं। खासकर चांदी को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है।
चांदी में अभी और बड़ी गिरावट संभव !
विदेशी रिसर्च एजेंसियों और बाजार विश्लेषकों का दावा है कि चांदी की कीमतों में अभी और बड़ी गिरावट आ सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इंडस्ट्रियल डिमांड कमजोर होने से चांदी आने वाले महीनों में ₹70 हजार से ₹80 हजार तक और सस्ती हो सकती है।
दरअसल चांदी का इस्तेमाल मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और एआई टेक्नोलॉजी से जुड़े उपकरणों में बड़े स्तर पर होता है। लेकिन वैश्विक मांग कमजोर पड़ने से इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
खरीदारों के लिए मौका या खतरे की घंटी ?
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आप लंबे समय के लिए निवेश की सोच रहे हैं तो यह गिरावट बड़ा मौका साबित हो सकती है। वहीं जो लोग ऊंचे भाव में खरीद चुके हैं, उनके लिए यह समय चिंता बढ़ाने वाला है।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात, अमेरिका की आर्थिक नीति और तेल बाजार की चाल तय करेगी कि सोना-चांदी फिर चमकेंगे या गिरावट का सिलसिला और तेज होगा।









