पेट्रोल-डीजल को लेकर मची हलचल के बीच सरकार का बड़ा अलर्ट… “घबराएं नहीं, टैंक फुल है!”
छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों की बेचैनी अचानक बढ़ गई। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों में लंबी कतारें दिखाई दीं, तो कहीं लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाना शुरू कर दिया। लेकिन अब राज्य सरकार ने पूरे मामले पर स्थिति साफ करते हुए बड़ा बयान जारी किया है।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। राज्य में फिलहाल करोड़ों लीटर ईंधन का स्टॉक मौजूद है और 2516 पेट्रोल पंपों के जरिए लगातार सप्लाई जारी है। अधिकारियों के मुताबिक हाल के दिनों में अचानक मांग बढ़ने के कारण दबाव जरूर बना, लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
जानकारी के अनुसार 13 और 14 मई को पेट्रोल की खरीद में 43 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी के काम के चलते डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार और ऑयल कंपनियों ने मोर्चा संभाल लिया है।
रायपुर के लखौली और मंदिरहसौद सहित कोरबा के गोपालपुर डिपो से लगातार टैंकरों के जरिए ईंधन भेजा जा रहा है। यहां तक कि छुट्टी वाले दिन भी डिपो बंद नहीं किए गए और सैकड़ों टैंकरों के माध्यम से जिलों तक पेट्रोल-डीजल पहुंचाया गया ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकार ने साफ कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने से बचें। क्योंकि कई बार डर का माहौल ही कृत्रिम संकट पैदा कर देता है। अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश में सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और हर जिले तक नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल पहुंच रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है…
क्या लोगों की घबराहट ने जरूरत से ज्यादा खरीद बढ़ा दी, या फिर कहीं ना कहीं कमी की आशंका ने जनता को डरा दिया?









