भुगतान के बदले रिश्वत? समग्र शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप, 6 महीने से अटका ठेकेदार का पैसा!…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
बिलासपुर। जिले के समग्र शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक नगर निगम ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसका बकाया भुगतान जानबूझकर रोका गया और उसे जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
मामले के अनुसार, ठेकेदार दीपक महादेवा ने सकरी जोन के उसलापुर, अमेरी, घुरु और दलदलीहापारा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शौचालय निर्माण कार्य पूरा किया था। काम पूरा होने के बाद उसे आंशिक भुगतान तो मिला, लेकिन बाकी राशि पिछले 6 महीनों से अटकी हुई है।
“8000 रुपये दो, तभी फाइल आगे बढ़ेगी”
ठेकेदार का आरोप है कि समग्र शिक्षा विभाग के सहायक समन्वयक अयाज जुनजानी ने भुगतान जारी करने के लिए 8000 रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, कथित तौर पर यह भी कहा गया कि यह रकम “ऊपर तक” पहुंचती है, तभी बजट पास होता है।
रिश्वत नहीं दी, तो फाइल ठंडी पड़ गई!
दीपक महादेवा का कहना है कि उन्होंने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उनकी फाइल 6 महीनों से लंबित पड़ी है। लगातार चक्कर काटने के बाद अब उन्होंने कलेक्टर से शिकायत करते हुए सबूतों के साथ न्याय की मांग की है।
बच्चों के विकास कार्य भी कमीशन के जाल में?
यह मामला सिर्फ एक ठेकेदार तक सीमित नहीं दिखता—स्थानीय लोगों में चर्चा है कि क्या अब स्कूलों जैसे जरूरी कामों का भुगतान भी “कमीशन” पर निर्भर करेगा? इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब निगाहें प्रशासन पर
मामला सामने आने के बाद अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
यह मुद्दा सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि बच्चों के बुनियादी सुविधाओं और सिस्टम की पारदर्शिता का भी है। अब देखना होगा—सिस्टम जागेगा या फिर सवाल यूं ही दबा दिए जाएंगे…









