तमनार में आस्था का महासागर! विष्णु महायज्ञ और बटुक संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, अंतिम दिन होगा ऐतिहासिक पूर्णाहुति संगम…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
रायगढ़। तमनार की धरती इन दिनों भक्ति, परंपरा और एकता के अद्भुत रंग में रंगी हुई है। यहां आयोजित विष्णु महायज्ञ एवं बटुक संस्कार ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है। जैसे ही यज्ञ की वेदियों से मंत्रों की गूंज उठी, माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया — हर ओर श्रद्धा, विश्वास और संस्कार की झलक साफ नजर आई।
आस्था का ऐसा संगम, जिसे देखकर हर कोई भावुक
कार्यक्रम में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ ने तमनार को मानो एक धार्मिक नगरी में बदल दिया। यज्ञ में दी जा रही आहुतियां और गूंजते वैदिक मंत्र लोगों के मन में एक अलग ही ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। वहीं बटुक संस्कार ने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश दिया।
प्रदेश भर के दिग्गजों ने बढ़ाई आयोजन की शान
इस भव्य आयोजन में वैष्णव समाज के कई बड़े पदाधिकारी और प्रमुख चेहरे शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने न सिर्फ कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि समाज में एकता और संगठन का मजबूत संदेश भी दिया। मंच से समाज को शिक्षा, संस्कार और एकजुटता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की गई।
नई पीढ़ी के लिए बड़ा संदेश
वक्ताओं ने साफ कहा कि ऐसे आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का माध्यम भी हैं। इससे युवा पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और मूल्यों को समझती है और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास करती है।
21 अप्रैल: पूर्णाहुति का महासंगम बनेगा ऐतिहासिक
कार्यक्रम का अंतिम दिन यानी 21 अप्रैल को पूर्णाहुति का विशाल आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यह दिन तमनार के इतिहास में एक नई पहचान छोड़ सकता है।
क्यों खास है ये आयोजन?
आस्था और परंपरा का दुर्लभ संगम
समाज की एकजुटता का शानदार उदाहरण
युवाओं को संस्कारों से जोड़ने की पहल
पूरे प्रदेश से जुटे हजारों श्रद्धालु
कुल मिलाकर, तमनार में चल रहा यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और सामाजिक शक्ति का विराट प्रदर्शन बन चुका है।









