ठंड में बढ़ा बिजली बिल, ग्रामीणों मेंआक्रोश — मीटर रीडिंग पर उठे सवाल awaamkiawaaz
रिपोर्टर: दिलीप वर्मा | हथबंद
हथबंद क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों बिजली बिल को लेकर लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। आमतौर पर गर्मियों में कूलर, पंखे और एसी के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ जाती है, जबकि सर्दियों में खपत कम हो जाती है। लेकिन यहां स्थिति इसके उलट सामने आई है, जिससे उपभोक्ता हैरान और परेशान हैं।
उडेला, मोहभट्टा और कोलिहा गांव के सैकड़ों उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्दियों के महीनों में उन्हें असामान्य रूप से ज्यादा बिजली बिल थमा दिए गए। ग्रामीणों के मुताबिक जिन घरों में सामान्य उपयोग ही होता है, वहां भी अचानक खपत कई गुना बढ़ाकर दिखाई गई है।
एक उपभोक्ता (क्रमांक 1005063559) के बिजली खपत रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मामला और भी चौंकाने वाला लगता है। मार्च 2025 से लेकर नवंबर 2025 तक हर महीने बिजली की खपत करीब 60 से 90 यूनिट के बीच रही। लेकिन दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में यह आंकड़ा अचानक करीब 900 यूनिट तक पहुंच गया। नवंबर में जहां खपत केवल 62 यूनिट दर्ज थी, वहीं अगले ही महीने इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सर्दियों में न तो कूलर चलते हैं और न ही एसी, ऐसे में इतनी ज्यादा खपत समझ से परे है। उपभोक्ताओं का दावा है कि उनके घरों में कोई नया या ज्यादा बिजली खपत करने वाला उपकरण भी नहीं लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई बार मीटर रीडिंग ठीक से नहीं ली जाती और बिना मीटर देखे ही बिल जारी कर दिए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गर्मियों में ज्यादा बिजली इस्तेमाल हुई थी, तो उसी समय सही बिल दिया जाना चाहिए था। लेकिन अब पुराने महीनों की खपत जोड़कर एक साथ भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं।
लोगों का मानना है कि नियमित और सही तरीके से मीटर रीडिंग नहीं होने की वजह से यह समस्या पैदा हुई है, जिसका खामियाजा अब उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कई परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
अब प्रभावित उपभोक्ताओं की उम्मीदें छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर गलत बिलों को सुधारा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।







