मकान टैक्स में 10% छूट का प्रलोभन, लेकिन केवल संपत्ति कर में राहत — भ्रामक बिलिंग से करदाता नाराज़
नगर पंचायत बिलाईगढ़ में इन दिनों करदाताओं के बीच भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। आरोप है कि “वर्तमान मांग पर 10% छूट” का प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता में यह छूट केवल संपत्ति कर पर लागू है, जबकि समेकित कर एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (यूजर चार्ज) पर किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही।
करदाताओं का कहना है कि छूट को लेकर स्पष्ट जानकारी न देकर भ्रामक तरीके से बिल तामिल किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई नागरिकों ने इसे “प्रलोभन” बताकर आपत्ति जताई है।

*कचरा संग्रहण नहीं, फिर भी 240 रुपये वार्षिक वसूली*
वार्ड क्रमांक 10 स्थित रविदास मोहल्ला के निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत गठन के बाद से अब तक न नियमित झाड़ू लगाई जाती है और न ही कचरा उठाया जाता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत डोर-टू-डोर कलेक्शन भी नहीं हो रहा। इसके बावजूद 20 रुपये प्रतिमाह की दर से 240 रुपये वार्षिक यूजर चार्ज बिल में जोड़ा जा रहा है।
मोहल्ला वासियों का सवाल है—जब सेवा उपलब्ध ही नहीं है, तो शुल्क किस आधार पर वसूला जा रहा है? यही नहीं बल्कि नगर के कई वार्डों में नियमित कचरा कलेक्शन नहीं होने का आरोप है।
*एक ही घर में 2-3 यूजर चार्ज के बिल!*
कुछ वार्डों में एक ही मकान के अलग-अलग नामों पर 2 से 3 बिल जारी कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क जोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि भले ही मकान के हिस्से अलग हों, परंतु रहन-सहन एक ही परिवार का है और कचरा भी एक ही स्थान से निकलता है, तो अतिरिक्त यूजर चार्ज वसूलना अनुचित है।
*सीएमओ व राजस्व प्रभारी के खिलाफ आक्रोश*
स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत के सीएमओ सुशील चौधरी एवं राजस्व शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि कर निर्धारण और वसूली प्रक्रिया में स्पष्टता और जवाबदेही होनी चाहिए।
नगरवासियों ने मांग की है कि:
छूट संबंधी नियमों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए।
जहां कचरा संग्रहण नहीं हो रहा, वहां यूजर चार्ज की वसूली रोकी जाए।
एक ही संपत्ति पर एकाधिक यूजर चार्ज की जांच कर सुधार किया जाए।
गलत बिलों को तत्काल संशोधित कर राहत दी जाए।
यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो नागरिकों द्वारा सामूहिक शिकायत या आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।








