बरेली में भीषण सड़क हादसा: हाईवे पर खड़े पेड़ से टकराई कार, शादी से लौट रहा परिवार उजड़ गया…
सत्यम गौड़। बरेली
किला थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शादी समारोह से लौट रहे एक ही परिवार की कार दिल्ली हाईवे पर सड़क के बीच खड़े सेमल के पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखचे उड़ गए। इस दुर्घटना में एक महिला समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
शादी की खुशियों के बाद मौत का सफर: जानकारी के मुताबिक रामपुर जनपद के थाना शहजादनगर क्षेत्र के गांव कल्याणपुर निवासी गोविंद अपने परिवार के साथ अपनी बुआ के बेटे राहुल की शादी में शामिल होने थाना शाही क्षेत्र के गांव मंसूरगंज गए थे। शादी समारोह के बाद शनिवार रात करीब एक बजे सभी लोग कार से वापस घर लौट रहे थे।
दिल्ली हाईवे पर बीच सड़क खड़ा था मौत का पेड़: जब कार स्वाले नगर के पास दिल्ली हाईवे पर पहुंची, तभी सड़क के बीच खड़े सेमल के पेड़ से टकरा गई। अंधेरा और कोई चेतावनी संकेत न होने के कारण चालक को पेड़ दिखाई नहीं दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस के अनुसार हादसे में 30 वर्षीय मोनी पत्नी गोविंद, गोविंद के पिता 60 वर्षीय खेमकरन, 85 वर्षीय रामगुलाम (निवासी शिवपुरी, थाना मुंडापांडे, मुरादाबाद) की मौत हो गई। वहीं गोविंद, उनका दो वर्षीय बेटा और चाचा राम बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सुबह होते ही उमड़ी भीड़, फूटा लोगों का गुस्सा: रविवार सुबह हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों में प्रशासन को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला।
पहले भी ले चुका है जान, फिर भी खड़ा है पेड़: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस सेमल के पेड़ से कार टकराई, वह काफी समय से सड़क के बीच खड़ा है। इससे पहले भी इसी पेड़ की वजह से कई हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
न रिफ्लेक्टर, न चेतावनी—सीधी लापरवाही: लोगों ने बताया कि पेड़ पर न तो रिफ्लेक्टर लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। रात के समय यह पेड़ सीधे मौत का कारण बन जाता है, इसके बावजूद इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रामपुर रोड की बदहाली भी हादसों को दे रही न्योता: स्थानीय लोगों का कहना है कि रामपुर रोड कई जगह से टूटी हुई और जर्जर हालत में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। रेत-बजरी कारोबारियों द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण किया गया है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है।
तीन जानें गईं, अब भी प्रशासन सोया रहेगा? तीन लोगों की मौत के बाद भी सवाल वही है— क्या प्रशासन अब भी किसी और हादसे का इंतजार करेगा, या फिर सड़क के बीच खड़े इस मौत के पेड़ को हटाया जाएगा?







