खड़ी फसल हुईं खराब 5 बीघा लहसुन और 5 बार दवाई छिडकाव कोई फायदा नहीं…..
आखिर जिम्मेदार कौन?किसान ने लगाया दवाई कंपनी पर आरोप……
खाचरोद /कमलेश पाटीदार
खाचरोद तहसील के गांव सकतखेड़ी मे 5 बीघा की लहसुन की फसल खराब हो गई ! सकतखेड़ी से निंबोदीया के रस्ते पर देवनारायण मंदिर की 10 बीघा जमीन जिस पर 5 बीघा के करीब कृषि भूमि पर लहसुन की खेती करने वाले कृषि जुझारसिंह गुर्जर जोकि मंदिर के पुजारी ने बताया कि लहसुन की फसल खराब हो गई ! खेत में खड़ी लहसुन की फसल थ्रीप्स के कारण लहसुन की फसल 5 बार दवाई का छीड़काव करने के बाद भी लहसुन सूखती ही जा रही है ! किसान ने बताया कि वर्तमान में कम से कम इस लहसुन की फसल के लिए 20 हजार से भी ज्यादा की दवाई का छिड़काव कर चुका हे लेकिन कोई खासा आसार नहीं मिला और कोई सुधार नहीं है ! और फसल ख़राब हो रही हे जिसके कारण किसान मानसिक ओर आर्थिक रूप से भी प्रताड़ित हो गया हे …….
लहसुन की बड़ी पैदावार…
आज लहसुन एक कोई स्थानीय फसल नहीं बलकी अंतराष्ट्रीय ओसधि बन चुकी हे जिसे जिले सहित मध्यप्रदेश के कई कोने मे लगाई जाती हे और बड़ी मेहनत और परिश्रम के साथ बड़ा किया जाता हे और दिन ब दिन कई किसान लहसुन की फसल लगा रहे हे. लेकिन कई खेत लहसुन उगाने मे सक्षम नहीं हे इससे की बड़े क्षेत्र मे लगने के बाद भी कुछ ही भाग लहसुन को उगाने मे सफल होते हे…..
कारण हो सकता हे….
आपको बता दे की लहसुन बहुत ही महंगी और गुणकारी फसल और ओसधि हे जिसे खेत मे उगने मे कई विटामिन और प्रोटीन की आवश्यकता होती हे लेकिन आज रासायनिक छिड़काव की बढ़ोतरी से खेतो की मिट्टी की उर्वरकता को ख़राब करने मे हमने कोई कसर नहीं छोड़ी हे और जबकि किसी ओसधि या फसल को बड़ा करना आज एक चुनौती बन चुकी हे यहाँ तक की कई खेत बिहड़ बन चुके हे जिसमे सारे गुणकारी तत्व ख़राब हो चुके हे जिसका मुख्य कारण खेतो मे केमिकल का हद से ज्यादा इस्तेमाल करना हे जबकि हम पारम्परिक खेती को अलविदा कह चुके हे और वर्तमान में खड़ी फसले सूखने लगी है
आखिर इसका जिम्मेदार कौन हे……
🤔वह जिसने रासायनिक खाद, दवाई को बाजारों मे उतारा….
🤔फसलों को बड़ा करने वाला किसान …..
🤔या सरकार जिसने टेक्स के लालच मे केमिकल को खेतो मे उड़ाने की अनुमति दी….
🤔या कोई साजिस………


