बरेली कॉलेज के प्रोफेसर पर छात्रा से शोषण का आरोप, जांच समिति गठित…

बरेली। बरेली कॉलेज में एक एसोसिएट प्रोफेसर पर पीजी छात्रा ने सात वर्षों से शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि अब प्रोफेसर समाज में उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले के प्रकाश में आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओ.पी. राय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
सेमिनार हॉल से लेकर प्राचार्य कार्यालय तक हंगामा
घटना 1 सितंबर की है, जब छात्रा कॉलेज परिसर पहुंची और सेमिनार हॉल, चीफ प्रॉक्टर कार्यालय तथा प्राचार्य कक्ष तक पहुंचकर हंगामा किया। छात्रा ने आरोप लगाया कि उक्त प्रोफेसर उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उसने यह भी दावा किया कि हाल ही में कॉलेज के एक लिपिक के बहकावे में आकर प्रोफेसर ने परेशान करना और तेज कर दिया है।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोफेसर के अधीन शोध कर रहे एक अन्य छात्र ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष ने यहां तक कहा कि उसका घर से निकलना तक बंद करवा दिया जाएगा।
प्रोफेसर को जिम्मेदारियों से हटाया गया
प्राचार्य ने प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी प्रोफेसर को सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। उनकी जिम्मेदारियाँ राजनीति शास्त्र विभाग की प्रोफेसर वंदना शर्मा तथा जंतु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर बीनम सक्सेना को सौंपी गई हैं।
जांच समिति का गठन, 8 सितंबर को होगी बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें प्रो. वंदना शर्मा (संयोजक), प्रो. शिखा, प्रो. आलोक खरे, डॉ. दयाराम और डॉ. शीतल गुप्ता शामिल हैं। समिति 8 सितंबर को दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर बैठक करेगी।
समझौते के प्रयास और पत्र का खुलासा
विश्वविद्यालय के एक शिक्षक की मध्यस्थता में कथित रूप से समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर ने छात्रा के भाई से एक लिखित पत्र लेकर आरोपों को दबाने की कोशिश की थी, जिसे जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
प्राचार्य का बयान
प्राचार्य प्रो. ओ.पी. राय ने कहा, “कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




