₹7.5 करोड़ का सवाल, महिलाओं की मेहनत की कमाई कहां गए, नारी रक्षा सम्मान निधि योजना मामले में जांच पर टिकी उमीद

सारंगढ़-बिलाईगढ़। कथित “नारी रक्षा सम्मान निधि” योजना में निवेश करने वाली सैकड़ों महिलाओं के बीच इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है—आखिर उनकी जमा की गई करोड़ों रुपये की राशि कहां गई? योजना से जुड़े दंपति दिनेश बंजारे और उत्तम बंजारे की साइबर ठगी मामले में गिरफ्तारी के बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्हें बेहतर रिटर्न, नियमित भुगतान और आर्थिक सुरक्षा का भरोसा देकर योजना से जोड़ा गया था। कई महिलाओं को निवेश के समय चेक, स्टाम्प पेपर पर इकरारनामा और अन्य दस्तावेज भी दिए गए, जिससे उन्हें लगा कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा।
महिलाओं के अनुसार, शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर भुगतान मिला और कुछ मामलों में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की किस्तें भी जमा कराई गईं। इसी वजह से लोगों का भरोसा बढ़ता गया और गांव-गांव से बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना से जुड़ती चली गईं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, केवल सारंगढ़ क्षेत्र से ही करीब 7.5 करोड़ रुपये का निवेश इस योजना में किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस राशि की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, योजना के प्रचार के लिए एक नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसमें कुछ महिलाओं को अन्य लोगों को जोड़ने के बदले पारिश्रमिक दिया जाता था। इनमें शामिल कई महिलाएं अब खुद भी आर्थिक नुकसान और सामाजिक दबाव का सामना कर रही हैं। उनका कहना है कि वे भी इस योजना को सही मानकर ही इससे जुड़ी थीं।
बताया जा रहा है कि निवेश करने वाली अधिकांश महिलाएं बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की सदस्य हैं। बेहतर आमदनी की उम्मीद में उन्होंने अपनी बचत, ऋण और अन्य स्रोतों से धन जुटाकर निवेश किया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निवेश की गई करोड़ों रुपये की राशि का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। इसका जवाब पुलिस की जांच, बैंक खातों के लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल, प्रभावित महिलाओं की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि जांच से पूरे मामले का सच सामने आएगा और उनके निवेश की राशि वापस दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
















