महिला आयोग की सख्ती: गेल इंडिया को रायपुर तलब, 9 जुलाई तक 2.50 लाख मुआवजा या नया बोरवेल कराने के निर्देश
मानसिक प्रताड़ना मामले में प्राचार्य के तबादले की अनुशंसा, 46 मामलों की जनसुनवाई में कई प्रकरणों का मौके पर हुआ समाधान
रायगढ़, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं संभाग प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया की अध्यक्षता में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित सृजन सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न एवं महिला अधिकारों से जुड़े मामलों की जनसुनवाई आयोजित की गई।
आयोग की यह प्रदेश स्तर पर 409वीं तथा रायगढ़ जिले की 10वीं जनसुनवाई रही, जिसमें 46 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
गेल इंडिया पर सख्त रुख
जनसुनवाई का सबसे महत्वपूर्ण मामला GAIL (India) Limited से जुड़ा रहा।
शिकायतकर्ता महिला ने आयोग को बताया कि उसकी भूमि के बीच से कंपनी की गैस पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे उसका लगभग 400 फीट गहरा स्थायी बोरवेल प्रभावित हो गया।
इस बोरवेल के निर्माण में लगभग 2.50 लाख रुपये खर्च हुए थे, लेकिन संबंधित अधिकारी ने न तो समाधान किया और न ही बोरवेल के उपयोग की अनुमति दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने कंपनी के महाप्रबंधक सुरेश बाबू को 9 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित राज्य महिला आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कंपनी को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने अथवा नया बोरवेल खुदवाने का आदेश दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन नहीं होने पर पीड़िता एफआईआर दर्ज कराने और दीवानी वाद दायर करने के लिए स्वतंत्र होगी।
प्राचार्य के तबादले की अनुशंसा
पुसौर विकासखंड के पड़ीगांव हाई स्कूल की एक शिक्षिका ने विद्यालय के प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना, वेतन कटौती और अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया।
तलाक के बाद उपनाम परिवर्तन की प्रक्रिया में भी बाधा डालने की शिकायत पर आयोग ने प्रथम दृष्टया आरोप सही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्य का 15 दिनों के भीतर दूसरे विकासखंड में स्थानांतरण करने की अनुशंसा की।
अन्य मामलों में भी अहम फैसले
घरघोड़ा विकासखंड के मेंड्रा वार्ड-7 में मितानिन के कार्य से असंतुष्ट ग्रामीणों की शिकायत पर नई मितानिन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
भूमि रजिस्ट्री विवाद में मामला न्यायालय में लंबित होने और पक्षों के बीच समझौता होने पर प्रकरण बंद किया गया।
थाने में कथित रूप से लंबे समय तक बैठाए जाने तथा वैवाहिक विवाद के मामलों में आपसी समझौते के बाद प्रकरणों का निराकरण किया गया।
मकान टूटने के बाद तीन बच्चों के साथ बेघर हुई महिला के मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी को कलेक्टर से समन्वय कर नियमानुसार आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
महिला आयोग का संदेश
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े प्रत्येक मामले का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण किया जाएगा। जहां भी महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होगा, वहां संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की













