दिल्ली पुलिस बनकर कॉल करने वाले साइबर ठगों से रहें सतर्क
यूट्यूब से अश्लील फोटो-वीडियो हटाने के नाम पर लोगों को बनाया जा रहा निशाना
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 6 जुलाई 2026। सारंगढ़ अंचल के ग्राम बँधापाली के एक युवक को रविवार दोपहर एक साइबर ठग का फोन आया।
ठग ने स्वयं को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए यूट्यूब से कथित अश्लील फोटो-वीडियो हटाने के नाम पर पैसे की मांग की।
कॉल के दौरान बैकग्राउंड में पुलिस जैसी आवाज़ें सुनाकर युवक को डराने का प्रयास किया गया।
युवक ने मामले की जानकारी अपने सहपाठी एवं जनसंपर्क अधिकारी को दी।
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह साइबर ठगी का नया तरीका है और ऐसे फर्जी कॉल से डरने की आवश्यकता नहीं है। युवक को नंबर ब्लॉक करने तथा जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी गई, जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गया।
एपीके (APK) फ़ाइल भेजकर भी हो रही ठगी
साइबर अपराधी फर्जी आरटीओ ई-चालान, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि आदि के नाम पर व्हाट्सएप के माध्यम से APK फ़ाइल या संदिग्ध लिंक भेजते हैं।
जैसे ही कोई व्यक्ति उस फ़ाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी चोरी कर आर्थिक नुकसान पहुँचाया जा सकता है।
बचाव के लिए अपनाएँ ये सावधानियाँ
किसी भी अनजान कॉल पर घबराकर पैसे न भेजें।
व्हाट्सएप पर आए APK फ़ाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
ई-चालान की जांच और भुगतान केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही करें।
पुलिस या सरकारी विभाग कभी भी APK फ़ाइल भेजकर भुगतान नहीं कराते।
किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऐप की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।













