जशपुर में ₹3,147 करोड़ की भारतमाला परियोजना से विकास को मिलेगी रफ्तार, रायपुर तक सफर होगा आसान

रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर से बदलेगी जशपुर की तस्वीर, 104 किलोमीटर फोरलेन सड़क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगे बढ़ रही इस परियोजना पर लगभग 3,147 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद जशपुर जिले को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों और पड़ोसी राज्य झारखंड से बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत लगभग 707 किलोमीटर लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर में करीब 104 किलोमीटर सड़क जशपुर जिले से होकर गुजरेगी। प्रस्तावित फोरलेन सड़क से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुविधाजनक होने के साथ क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों के परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रायपुर तक पहुंचना होगा आसान
जशपुर से राजधानी रायपुर तक सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। फोरलेन सड़क और यातायात सुविधाओं में सुधार से यात्रा के समय में कमी आ सकती है। परियोजना से संबंधित उपलब्ध जानकारी में जशपुर से रायपुर तक का सफर भविष्य में लगभग 5 से 6 घंटे में पूरा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वास्तविक समय मार्ग की उपलब्धता, दूरी और यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा।
बेहतर सड़क संपर्क से लोगों को इलाज, उच्च शिक्षा, व्यापार और सरकारी कामकाज के लिए रायपुर, बिलासपुर तथा कोरबा जैसे प्रमुख शहरों तक आने-जाने में सुविधा मिल सकती है। इसके साथ ही झारखंड की ओर आवागमन भी अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
किसानों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ
जशपुर जिला कृषि, उद्यानिकी, वनोपज और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। सब्जियों, फल और अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन में समय की बचत होने से व्यापारियों तथा उत्पादकों को लाभ मिलने की संभावना है।
इकोनॉमिक कॉरिडोर के आसपास परिवहन, भंडारण, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार भी हो सकता है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी सुविधाजनक
प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ियों, जलप्रपातों और जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध जशपुर जिले में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। मयाली नेचर कैंप, मधेश्वर पर्वत, रानीदाह जलप्रपात और कैलाश गुफा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटकों को सुविधा मिल सकती है।
पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, खानपान और हस्तशिल्प से जुड़े व्यवसायों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आजीविका को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
आधुनिक सड़क संरचनाओं से आवागमन में सुधार
इकोनॉमिक कॉरिडोर में यातायात को व्यवस्थित बनाने के लिए अंडरपास, वाहन अंडरपास और वन्यजीवों की आवाजाही के अनुकूल संरचनाओं जैसी सुविधाओं का प्रावधान महत्वपूर्ण होगा। इनका उद्देश्य मुख्य सड़क पर यातायात को सुचारु रखने और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है।
हालांकि, इन सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता संबंधित निर्माण योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। आधुनिक सड़क अधोसंरचना से मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेल और सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार पर जोर
जशपुर जिले में सड़क नेटवर्क के साथ रेल संपर्क की संभावनाएं भी लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रही हैं। कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राज्य की सड़क परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर भी उम्मीदें जुड़ी हैं। रेल संपर्क विकसित होने पर जशपुर और आसपास के क्षेत्रों को परिवहन के अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, रेल परियोजना की स्वीकृति, निर्माण और संचालन की स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आगे की प्रगति का आकलन किया जाना चाहिए।
दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को मिल सकती है नई गति
भारतामाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए सड़क संपर्क मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना पूरी होने पर जिले का प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों और पड़ोसी राज्यों से जुड़ाव बेहतर होने की उम्मीद है।
बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि, व्यापार, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। अब इस परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य की प्रगति, सड़क के शुरू होने और स्थानीय क्षेत्रों को मिलने वाली संपर्क सुविधाओं पर निर्भर करेगा।
















