21/10/2026

बोरे गांव में मुख्य मार्ग बंद! नवरात्रि कार्यक्रम के बीच राहगीर परेशान रूट डायवर्जन की सूचना पर उठे सवाल आवाम की आवाज़ न्यूज़

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बरमकेला। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बोरे में नवरात्रि पूजा के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के चलते मुख्य मार्ग अवरुद्ध किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्य मार्ग बंद होने से आवागमन करने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, मार्ग बंद होने के बावजूद रूट डायवर्जन से संबंधित सूचना या नोटिस नहीं लगाए जाने की बात भी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम बोरे में नवरात्रि पूजा के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान आयोजन समिति द्वारा मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बताया जा रहा है कि मुख्य मार्ग बाधित होने के लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खैरगढ़ी जाने वाले राहगीरों को लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ा।

*रूट डायवर्जन की सूचना नहीं, राहगीर होते रहे परेशान*

मुख्य मार्ग बंद किए जाने के दौरान वैकल्पिक रास्ते अथवा रूट डायवर्जन की पर्याप्त सूचना नहीं होने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय करनी पड़ी। सवाल यह उठता है कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह की व्यवस्था किए जाने के दौरान आम लोगों की सुविधा और सुचारु आवागमन का ध्यान क्यों नहीं रखा गया?

*रात में राहगीरों से कथित तौर पर दबंगई का आरोप*

मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि रात के समय आयोजन समिति के कुछ सदस्यों द्वारा राहगीरों के साथ दबंगई की गई। यदि यह आरोप सही है, तो यह गंभीर विषय है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान और घटना की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है।

पंचायत सचिव ने जताई अनभिज्ञता

मुख्य मार्ग अवरुद्ध किए जाने के संबंध में जब पंचायत सचिव दयानिधि देहरी से फोन पर जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। सचिव देहरी के इस जवाब के बाद यह सवाल उठता है कि ग्राम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य मार्ग बंद किए जाने की जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों नहीं थी।

*जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल*

इस पूरे मामले ने सार्वजनिक मार्ग पर कार्यक्रम आयोजित करने की व्यवस्था और आम नागरिकों की सुविधा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने की अनुमति ली गई थी या नहीं, रूट डायवर्जन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई और राहगीरों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और आम राहगीरों को हुई परेशानी के लिए जिम्मेदार लोगों के संबंध में क्या कदम उठाए जाते हैं।


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