थाना घरघोड़ा में विद्यार्थियों ने सीखा कानून और पुलिसिंग का पाठ, नए आपराधिक कानूनों व साइबर सुरक्षा की मिली जानकारी
जन मित्रम एस.पी. सिंह मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया थाना भ्रमण, पुलिस ने बताया पुलिस आपकी मित्र और संरक्षक है
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रायगढ़, 08 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग पहल के तहत थाना घरघोड़ा में जन मित्रम एस.पी. सिंह मेमोरियल स्कूल, बैहामुड़ा के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस दौरान विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और नागरिकों के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए एफआईआर दर्ज होने से लेकर विवेचना, साक्ष्य संकलन, गिरफ्तारी और न्यायालयीन प्रक्रिया तक की पूरी जानकारी सरल भाषा में समझाई।
उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद पुलिस व्यवस्था अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित हो गई है।
विद्यार्थियों को सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems), ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, डिजिटल पुलिसिंग, थाना प्रभारी एवं थाना मुंशी की जिम्मेदारियों सहित पुलिस थाना के विभिन्न कार्यों से भी परिचित कराया गया।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने पुलिसिंग, अपराध जांच, साइबर अपराध और कानून से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका थाना प्रभारी ने व्यवहारिक उदाहरणों के साथ उत्तर दिया।
विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने, सही जानकारी पुलिस को देने तथा झूठी शिकायत के कानूनी परिणामों के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक करते हुए समझाया गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को दें।
साथ ही सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुलिस हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में थाना घरघोड़ा का पुलिस स्टाफ, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
“जागरूक और कानून की समझ रखने वाले बच्चे ही सुरक्षित एवं जिम्मेदार समाज की नींव हैं। पुलिस और समाज के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।”













