पेड़ों पर ठोकी जा रही कीलें बन रहीं ‘मूक हत्या’ का कारण, बिलासपुर में चला अनोखा कील-मुक्त अभियान…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
बिलासपुर। शहर को हरियाली देने वाले पेड़ आज इंसानी लापरवाही का शिकार बनते जा रहे हैं। प्रचार-प्रसार की होड़ में पेड़ों पर पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स लगाने के लिए ठोकी जाने वाली कीलें उनके जीवन पर भारी पड़ रही हैं। इसी चिंता को लेकर रविवार को बिलासपुर में एक अनोखा और प्रेरणादायक “पोस्टर कील मुक्त बिलासपुर अभियान” चलाया गया, जिसने पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।
ईको संडे ड्राइव के तहत नेहरू नगर चौक से मंगला चौक और नर्मदा नगर क्षेत्र तक स्वयंसेवकों ने सड़क किनारे लगे पेड़ों से पोस्टर, बैनर और उनमें ठोकी गई कीलों को हटाया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे पेड़ मिले, जिनमें वर्षों से कीलें धंसी हुई थीं और उन पर कई परतों में पोस्टर चिपकाए गए थे।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पेड़ों में ठोकी जाने वाली कीलें केवल तने को नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि उनके विकास और स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती हैं। कई बार इन घावों के कारण पेड़ संक्रमण का शिकार हो जाते हैं और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते हैं।
अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि जिस पेड़ की छांव में हम राहत पाते हैं और जो हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देता है, उसी को विज्ञापन का माध्यम बनाकर नुकसान पहुंचाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते लोग नहीं चेते, तो पर्यावरण संरक्षण के सारे दावे खोखले साबित हो सकते हैं।
इस अभियान में मनोज मिश्रा, अभिषेक शर्मा, अभिषेक ठाकुर सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में पेड़ों पर कील न ठोकें और न ही पोस्टर-बैनर लगाएं।
अभियान का संदेश स्पष्ट था—“पेड़ बोल नहीं सकते, लेकिन उन्हें भी दर्द होता है। उनकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।” पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया यह छोटा कदम शहर को हराभरा और सुरक्षित बनाने की बड़ी पहल साबित हो सकता है।









