रजऊ परसपुर-बाईपास उगाही कांड! ऑनलाइन 10,000 और अगले दिन 20,000 नकद वसूली का आरोप, स्कॉर्पियो पर गंभीर सवाल…
🔸“रजऊ परसपुर बना उगाही का नया अड्डा?”
सत्यम गौड़। फरीदपुर
बरेली के रजऊ परसपुर से बाईपास तक के पूरे मार्ग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं कि यहां कुछ लोग संगठित तरीके से पशु परिवहन कैंटर गाड़ियों और अन्य वाहनों को रोककर कथित रूप से अवैध वसूली कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की घटना नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा एक संगठित नेटवर्क जैसा प्रतीत होता है, जिसमें डर और दबाव बनाकर लोगों से पैसे लिए जा रहे हैं। इस कथित गतिविधि को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल बना हुआ है।
“11 जून को ऑनलाइन 10,000 ‘मिस्टर चंदन कुमार’ के नाम पर ट्रांसफर”
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 11 जून को उनसे 10,000 की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई, जो “Mr. Chandan Kumar” के नाम पर भेजी गई बताई जा रही है। यह पूरा ट्रांजैक्शन डिजिटल माध्यम से होने के कारण अब जांच के दायरे में और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि बैंक रिकॉर्ड और यूपीआई डिटेल्स से यह साफ हो सकता है कि पैसा किस अकाउंट में गया और उसका वास्तविक उपयोग क्या था। लोगों का कहना है कि यदि यह वसूली है तो यह एक सुनियोजित आर्थिक शोषण का मामला बन सकता है।
“12 जून को 20,000 नकद वसूली का गंभीर आरोप”
इसके अगले ही दिन यानी 12 जून को 20,000 नकद (कैश) वसूली का भी गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे पूरा मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया है। लगातार दो दिनों में ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 30,000 की कथित वसूली ने लोगों को हैरान कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह अलग-अलग तरीकों से पैसे लेना यह दर्शाता है कि मामला केवल एक साधारण विवाद नहीं बल्कि एक संगठित दबाव और वसूली तंत्र का हिस्सा हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
“काली स्कॉर्पियो (UP 25 8706) और 5-6 संदिग्धों पर शक”
जानकारी के अनुसार एक काली स्कॉर्पियो (नंबर UP258706) में सवार 5 से 6 लोगों पर इस पूरे मामले में शामिल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वाहन कई बार इसी मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों में देखा गया है और अब इसका नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों की मांग है कि इस वाहन की गतिविधियों, उसके मालिक और उसमें सवार लोगों की पूरी जांच कर वास्तविक सच्चाई सामने लाई जाए ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या अपराधी गतिविधि उजागर हो सके।
“डिजिटल और नकद दोनों तरीके से वसूली, जांच की मांग तेज”
मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि वसूली में एक तरफ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और दूसरी तरफ नकद वसूली दोनों का इस्तेमाल बताया जा रहा है, जो पूरे मामले को अत्यंत गंभीर और संदिग्ध बना देता है। लोगों ने पुलिस और साइबर सेल से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, क्योंकि डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड आसानी से ट्रेस किया जा सकता है और नकद लेनदेन के पीछे भी किसी बड़े नेटवर्क का संकेत माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
“ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग”
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक मार्गों पर इस तरह खुलेआम वसूली और दबाव का खेल चलता रहा तो यह कानून-व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी संदिग्धों की पहचान की जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके।









