कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने डॉ. बिहारी लाल साहू से पाण्डुलिपि संरक्षण पर की चर्चा
ज्ञान भारत मिशन: हस्तलिखित धरोहर को सहेजने का राष्ट्रीय अभियान
प्राचीन कृतियों को डिजिटल युग में संरक्षित करने की पहल
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 11 अप्रैल 2026/
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शुक्रवार को बरमकेला विकासखंड के ग्राम चांटीपाली निवासी विद्वान डॉ. बिहारी लाल साहू से भेंट कर ज्ञान भारत मिशन के तहत पाण्डुलिपि संरक्षण के विषय में विस्तृत चर्चा की।
कलेक्टर ने क्षेत्र में उपलब्ध प्राचीन हस्तलिखित पाण्डुलिपियों एवं साहित्यिक कृतियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण में सहयोग देने की अपील की। इस दौरान नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू ने मिशन के क्रियान्वयन और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
डॉ. बिहारी लाल साहू ने कहा कि यह अंचल सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ उड़िया एवं विभिन्न जनजातीय भाषाओं का भी प्रचलन है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ का “पूर्वी एवं सांस्कृतिक द्वार” बताया।
उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारत मिशन देश की समृद्ध हस्तलिखित धरोहर के संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार के उद्देश्य से संचालित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के तहत वर्ष 2024 से 2031 तक 482.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वर्तमान में कृति संपदा डिजिटल भंडार में 44.07 लाख से अधिक पाण्डुलिपियों का दस्तावेजीकरण किया जा चुका है। पाण्डुलिपियां भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनमें भक्ति काल से लेकर आधुनिक काल तक के साहित्य, उपन्यास एवं विविध लेखन सामग्री शामिल हैं।
यह मिशन परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के माध्यम से इन अमूल्य धरोहरों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास है।









