बिलासपुर: ग्राम पंचायत ठेका में 24.7 लाख रुपये का वित्तीय अनियमितता का खुलासा
पूर्व सरपंच, सचिव और कोटवार समेत चार लोग एफआईआर में नामजद, जांच जारी
बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत ठेका में 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों की शासकीय राशि में भारी अनियमितता सामने आई।
जांच में 24,70,530 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
मामले में पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, भानू विश्वकर्मा और कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार ठहराया गया।
जिला पंचायत बिलासपुर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था।
जांच में दस्तावेजों और बयानों के गंभीर विरोधाभास पाए गए।
तोरवा थाना में 19 फरवरी 2026 को FIR दर्ज की गई, आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 3(5), 344, 316 और 318 के तहत।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि और अनियमितताएं सामने आती हैं, तो अन्य संबंधितों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले ने पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






