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06/02/2026

सफलता की इबारत: नवाचार और तकनीक से दोगुनी हुई किसान श्री खगेश्वर प्रधान की आय

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*झगरपुर के किसान ने बैगन की उन्नत खेती से कमाया 2 लाख रुपए का शुद्ध लाभ: बने अन्य कृषकों के लिए प्रेरणा स्रोत*

रायगढ़, 26 सितम्बर 2025/ लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर के प्रगतिशील किसान श्री खगेश्वर प्रधान ने यह साबित कर दिखाया है कि यदि पारंपरिक पद्धतियों के साथ नवाचार और वैज्ञानिक तकनीक को जोड़ा जाए, तो खेती एक अत्यंत लाभदायक व्यवसाय बन सकती है। उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में बैगन की उन्नत खेती कर लगभग दो लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता से प्रेरित होकर श्री प्रधान ने इस वर्ष भी एक एकड़ भूमि में बैगन की उन्नत खेती प्रारंभ की है और अब वे अधिक उत्पादकता के लक्ष्य के साथ कार्यरत हैं।

*वैज्ञानिक पद्धति से मिली सफलता*
श्री प्रधान ने बैगन की खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन किया और उद्यानिकी विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। विभाग द्वारा समय-समय पर प्रदान किए गए परामर्श और योजनाओं के लाभ से उन्होंने खेती को आधुनिक स्वरूप दिया। उन्होंने संतुलित जैविक खाद, आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और समयबद्ध पौध संरक्षण उपायों को अपनाया, जिससे फसल को उत्कृष्ट पोषण और सुरक्षा प्राप्त हुई। इन नवाचारों के परिणामस्वरूप श्री प्रधान ने प्रति एकड़ 123 क्विंटल की शानदार उत्पादकता हासिल की, जो पारंपरिक खेती की तुलना में दोगुनी है।

*लागत में कमी, लाभ में वृद्धि*
किसान श्री प्रधान को बैगन की खेती में कुल 46 हजार रुपए की लागत आई, जबकि बाजार में उत्पाद को 20 रुपए प्रति किलोग्राम का मूल्य प्राप्त हुआ। इस प्रकार उन्हें कुल 2 लाख 46 हजार रुपए का सकल राजस्व और लगभग 2 लाख रुपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही तकनीक, योजना और मेहनत के साथ खेती अब घाटे का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार बन सकती है।

*मेहनत और जानकारी से ही बदल सकती है खेती की दिशा*
अपनी सफलता पर उत्साहित किसान श्री खगेश्वर प्रधान कहते हैं कि खेती में सफलता का राज मेहनत के साथ सही जानकारी और तकनीक के उपयोग में है। यदि किसान उन्नत बीज, पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि पद्धतियाँ अपनाएँ, तो खेती बेहद लाभदायक बन सकती है और हम घाटे के चक्र से बाहर निकल सकते हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने किसान श्री प्रधान की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता ने अन्य किसानों के बीच उत्साह का संचार किया है। झगरपुर सहित आसपास के गाँवों के किसान अब उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो क्षेत्र में कृषि के बदलते परिदृश्य का संकेत है।


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