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25/06/2026

नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार…

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सत्यम गौड़। फरीदपुर

फरीदपुर पुलिस ने सेना और होमगार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर की ठगी

पुलिस के अनुसार, फर्रुखाबाद जनपद के थाना मेरापुर क्षेत्र निवासी विवेक ने फरीदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके भाई समेत कई युवाओं को सेना की 510 आर्मी बेस वर्कशॉप और उत्तर प्रदेश होमगार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने युवाओं से लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें टाल दिया गया।

जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस को बैंक खातों में हुए लेन-देन और अन्य दस्तावेजों से भी ठगी के प्रमाण मिले हैं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने कई लोगों से बड़ी रकम वसूली थी।

मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए आरोपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम कैरुआ निवासी उमेश मौर्य पुत्र नेमचंद तथा अनिल कुमार पुत्र मुंशीलाल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए।


पूछताछ में कबूला लोगों से पैसा लेना

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर धनराशि ली थी। हालांकि वे नौकरी नहीं लगवा सके और बाद में पीड़ितों द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर भी रकम वापस नहीं कर पाए। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।


एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी उमेश मौर्य का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ फरीदपुर थाने में पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने जिले और आसपास के क्षेत्रों में कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया है।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कंपनी का मोबाइल फोन, एक व्यक्तिगत मोबाइल फोन और पांच कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 319, 336(3), 340(2), 61(2)/11 बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, अपर निरीक्षक चमन सिंह, उपनिरीक्षक शुभम सिंह, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, कांस्टेबल सुमित कुमार तथा कांस्टेबल अक्षय कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने सटीक सूचना और प्रभावी रणनीति के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


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