ऑपरेशन ‘आघात’ का बड़ा वार: 52 किलो गांजा तस्करी की मास्टरमाइंड महिला ओडिशा से गिरफ्तार…..
(भुनेश्वर निराला) आवाम की आवाज़ न्यूज़|सारंगढ़
रायगढ़। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत रायगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अप्रैल महीने में पकड़ी गई 52 किलो गांजा खेप के मामले में पुलिस ने तस्करी नेटवर्क की कथित मुख्य सप्लायर महिला को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी महिला अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी और मध्यप्रदेश तक नशे की खेप पहुंचाने की व्यवस्था में उसकी अहम भूमिका थी।
अप्रैल में पकड़ी गई थी 25 लाख से अधिक कीमत की खेप….
जानकारी के अनुसार अप्रैल 2026 में खरसिया क्षेत्र में पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया था। तलाशी के दौरान उनके बैग से कुल 52 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था, जिसकी बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई थी। तीनों आरोपी ओडिशा के कंधमाल जिले के रहने वाले बताए गए थे।
पूछताछ में खुला सप्लायर का राज….
गिरफ्तार तस्करों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान पुलिस को एक महिला सप्लायर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपियों ने बताया कि गांजे की खेप उन्हें ओडिशा से उपलब्ध कराई गई थी और इसे मध्यप्रदेश के बीना तक पहुंचाना था। तकनीकी जांच और मोबाइल डाटा के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध महिला की पहचान सुभद्रा उर्फ मामी मलिक के रूप में की।
ओडिशा में दबिश, महिला गिरफ्तार….
सुराग मिलने के बाद रायगढ़ पुलिस की टीम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ओडिशा पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से कंधमाल जिले के गोच्छापाड़ा थाना क्षेत्र में दबिश देकर महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर गांजा सप्लाई से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया। पुलिस ने उसके पास से मामले से जुड़ा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी….
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल गांजा लेकर जाने वाले वाहकों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, रिसीवर और आर्थिक लाभ लेने वाले अन्य लोगों की भी पहचान कर रही हैं। मामले में जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
नशे के कारोबार पर कड़ा संदेश….
रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस का फोकस अब पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर है ताकि नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ऑपरेशन ‘आघात’ के तहत लगातार की जा रही कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि पुलिस अब केवल छोटे तस्करों पर नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट को निशाने पर लेकर काम कर रही है।









