13 साल से फरार वासेपुर का गैंगस्टर! अंबिकापुर में करोड़ों का साम्राज्य, पुलिस पहुंची तो पहले ही हो गया फरार….
अंबिकापुर। झारखंड के धनबाद के चर्चित वासेपुर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पा चुका और वर्षों से फरार चल रहा कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नई पहचान के साथ रहकर करोड़ों रुपये का कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि उसने फरारी के दौरान अपना मजबूत आर्थिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
जानकारी के अनुसार, शब्बीर आलम अपने सहयोगी जावेद के साथ अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। इस दौरान उसने साझेदारी में बसों का संचालन शुरू किया और 40 से अधिक एंबुलेंस का नेटवर्क भी तैयार कर लिया। बताया जा रहा है कि उसने शहर में एक आलीशान मकान भी बना लिया था।
छापेमारी से पहले ही हुआ गायब
सूत्रों के अनुसार, झारखंड पुलिस हाल ही में अंबिकापुर पहुंची थी। लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही शब्बीर आलम अपने सहयोगी के साथ फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसके सहयोगी जावेद और बस संचालक बैदुल खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्हें शब्बीर के भगोड़ा होने की जानकारी थी, फिर भी उसे शरण और कारोबार में सहयोग दिया गया।
2001 के दोहरे हत्याकांड का आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2001 में धनबाद के वासेपुर में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में शब्बीर आलम और उसके साथियों पर डॉन फहीम खान की मां और मौसी की हत्या का आरोप सिद्ध हुआ था। इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। वर्ष 2013 में हाईकोर्ट में पेशी के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था और तब से लगातार कानून की पकड़ से बाहर था।
अब आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा
पुलिस अब शब्बीर आलम के पूरे आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों की मदद से करोड़ों का कारोबार खड़ा किया और किन-किन क्षेत्रों में उसकी पहुंच थी। शुरुआती जांच में SECL समेत औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित एंबुलेंस नेटवर्क और अन्य निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है।
> नोट: फिलहाल पुलिस जांच जारी है। आर्थिक नेटवर्क, सहयोगियों की भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।













