तमनार पुलिस की बड़ी कामयाबी: तीन उठाईगिरी की वारदातों का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, CCTV और तकनीकी जांच से खुला ₹2.44 लाख की चोरी का राज…
रायगढ़। बैंक से पैसे निकालने वाले लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की उठाईगिरी करने वाले गिरोह के फरार मास्टरमाइंड को आखिरकार तमनार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से पुलिस की तलाश में चल रहा हरि उर्फ विशाल नट (41) अब सलाखों के पीछे है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर तमनार क्षेत्र में तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया और कुल ₹2 लाख 44 हजार की रकम पार कर दी थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी का तरीका बेहद सुनियोजित था। वह बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों पर नजर रखता था और मौका मिलते ही उनका बैग या वाहन की डिक्की निशाना बनाता था। तीनों घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल था और लोग बैंक से नकदी लेकर निकलने में भी सतर्क रहने लगे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पहले आरोपी धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में अपने साथी हरि उर्फ विशाल नट का नाम उजागर किया।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी उस समय जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जेल में बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे तमनार लाया गया, जहां पूछताछ में उसने तीनों वारदातों में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी की रकम का बंटवारा कर अधिकांश पैसा जुए और अन्य खर्चों में उड़ा दिया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ही वारदात में प्रयुक्त दो अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद कर चुकी है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
तमनार पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में लगातार हो रही उठाईगिरी की घटनाओं पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक से नकदी निकालने के बाद सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।













