बिलासपुर में बारिश का कहर: बैमा गांव जलमग्न, कई घर ढहे, 100 क्विंटल चावल बर्बाद; ग्रामीणों ने अवैध निर्माण को बताया वजह…

बिलासपुर। लगातार हो रही तेज बारिश ने जिले के बैमा गांव में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मूसलाधार बारिश के बाद गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बड़ी संख्या में घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान व खाद्यान्न खराब हो गया। हालात ऐसे बन गए कि कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार देर रात हुई भारी बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं होने से पूरा गांव जलमग्न हो गया। कई मकान ढह गए, जबकि कई घरों में कमर तक पानी भर गया। अचानक आई इस आपदा से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बारिश का असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खाद्यान्न भंडारण पर भी पड़ा। गांव के चावल गोदाम में पानी भर जाने से करीब 100 क्विंटल चावल भीगकर खराब हो गया। इससे सरकारी खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसएस पब्लिक स्कूल के सामने नाले पर कथित अवैध निर्माण और पुल बनाए जाने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया। उनका कहना है कि यदि नाले की निकासी बाधित नहीं होती तो गांव में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनती और इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं मुआवजा देने, कथित अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान गांव में ऐसी समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया है।
नोट: अवैध निर्माण और जलभराव के संबंध में लगाए गए आरोप ग्रामीणों के हैं। प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।
















