सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान में रचा नया रिकॉर्ड, तय लक्ष्य से कहीं आगे निकला स्वास्थ्य विभाग
100 दिवसीय विशेष अभियान में 7 हजार से अधिक लोगों की जांच, आधुनिक तकनीक से हुई टीबी की समय पर पहचान, जागरूकता अभियान ने भी दिखाई बड़ी सफलता
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया गया 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत’ विशेष अभियान उम्मीद से कहीं अधिक सफल साबित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने न सिर्फ निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया, बल्कि कई अहम मानकों में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल कर बेहतर कार्यप्रणाली का उदाहरण भी पेश किया है।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पुष्पेंद्र वैष्णव के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में जिले के 70 उच्च जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता में रखा गया। यहां विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की गई, जिससे संभावित मरीजों की समय रहते पहचान हो सकी।
अभियान के दौरान 7 हजार से अधिक लोगों की डिजिटल एक्स-रे जांच निःशुल्क की गई। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण इस सुविधा का लाभ लेने पहुंचे। इसके साथ ही आधुनिक ट्रूनेट तकनीक की मदद से 956 संदिग्ध मरीजों के बलगम नमूनों की जांच की गई। जिन लोगों में टीबी की पुष्टि हुई, उन्हें बिना विलंब इलाज से जोड़ दिया गया ताकि संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान में एक्स-रे मशीन के उपयोग को भी प्रभावी बनाया। निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 143 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर विभाग ने यह साबित किया कि बेहतर योजना और सतत निगरानी से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। वहीं टीबी जांच के निर्धारित लक्ष्य भी शत-प्रतिशत पूरे किए गए।
सिर्फ जांच और उपचार तक सीमित न रहकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक बनाने पर भी विशेष जोर दिया। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न विभागों के सहयोग से कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के महत्व की जानकारी दी गई। इसका सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच, आधुनिक तकनीक, त्वरित उपचार और जनभागीदारी जैसे प्रयास जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। अभियान की यह सफलता राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को भी मजबूती देने वाली उपलब्धि मानी जा रही है।













