DNA साक्ष्य की ताकत से मजबूत होगी पुलिस जांच: बिलासपुर रेंज में 200 अधिकारियों को मिला फॉरेंसिक प्रशिक्षण…
आवाम की आवाज़ न्यूज़// भुनेश्वर निराला
बिलासपुर रेंज में अपराध जांच को और अधिक वैज्ञानिक व प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में डीएनए एवं जैविक/भौतिक साक्ष्य संकलन और परीक्षण विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हत्या, दुष्कर्म, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों की विवेचना में साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाना था, ताकि अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचने का मौका न मिले।
कार्यशाला में क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशाला बिलासपुर की वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. प्रियंका लकड़ा और डॉ. स्वाति कुजूर ने पुलिस अधिकारियों को फॉरेंसिक डीएनए और न्यायालयिक जीव विज्ञान की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि डीएनए आधुनिक न्याय प्रणाली का सबसे मजबूत वैज्ञानिक आधार बन चुका है, जो न केवल दोषियों को सजा दिलाने में मदद करता है बल्कि निर्दोषों को झूठे आरोपों से बचाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों ने साक्ष्य संकलन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर देते हुए बताया कि नमी, तापमान और गलत पैकिंग के कारण महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं। इसलिए सही सैंपलिंग, सुरक्षित पैकेजिंग और चेन ऑफ कस्टडी का पालन बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की जमीनी समस्याओं पर प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिक अधिकारियों ने व्यवहारिक समाधान साझा किए।
इस पहल से पुलिस विवेचना की गुणवत्ता में सुधार, वैज्ञानिक साक्ष्यों की विश्वसनीयता में वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कार्यशाला के सफल आयोजन पर पुलिस महानिरीक्षक ने प्रशिक्षकों को सम्मानित करते हुए इसे अपराध जांच व्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।









