कुष्ठ रोग से जूझ रहे परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण, अब मिलेगा मुफ्तआईटीआई प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर…
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक ऐसी पहल शुरू हुई है जो कई परिवारों की जिंदगी बदल सकती है। समाज में अक्सर उपेक्षा और भेदभाव का सामना करने वाले कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों और उनके बच्चों को अब आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलने जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की पहल पर विकासखंड सारंगढ़ से 12 हितग्राहियों का चयन कर उन्हें निःशुल्क आईटीआई प्रशिक्षण दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। चयनित युवाओं को विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में एक से दो वर्ष तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रावास की सुविधा भी पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कदम केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उन परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो वर्षों से सामाजिक कलंक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को शासकीय, अर्धशासकीय और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की संभावना है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि शिक्षा और कौशल ही सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। यही कारण है कि इस योजना को पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे तो कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक पूर्वाग्रहों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है और प्रभावित परिवारों को एक बेहतर भविष्य मिल सकता है।










