गौवंशीय बिजार के हमले में किसान घायल, लोक जनशक्ति पार्टी नेता ने की कार्रवाई की मांग…
✍️ बेसहारा गौवंश से दहशत में ग्रामीण, आए दिन हो रहे हादसे
सत्यम गौड़। बरेली
फरीदपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरनिया में एक बार फिर बेसहारा गौवंश के आतंक का मामला सामने आया है। गांव निवासी श्री प्रेमशंकर राजपूत के भाई पर एक गौवंशीय बिजार ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में उनके शरीर पर कई स्थानों पर गहरी चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पीड़ित परिवार से मिले राजा सेठ
घटना की जानकारी मिलने पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश सचिव राजा सेठ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और घायल का हालचाल जाना। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर आबादी क्षेत्र में घूम रहे हमलावर बिजार को तत्काल पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की।
पहले भी कर चुका है कई लोगों पर हमला
राजा सेठ ने बताया कि उक्त बिजार कोई पहली बार हमलावर नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह गौवंशीय बिजार पूर्व में भी कई किसानों और राहगीरों पर हमला कर चुका है। इसके बावजूद उसे पकड़ने या आबादी क्षेत्र से हटाने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। यही कारण है कि गांव के लोग लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं।
सड़कों और खेतों में बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश खुलेआम घूम रहे हैं। ये पशु खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ राह चलते लोगों और किसानों के लिए भी खतरा बन चुके हैं। कई बार बाइक सवार और अन्य वाहन चालक इन पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग समस्या के स्थायी समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आता।
मंत्रियों के जिले में भी नहीं मिल रहा समाधान
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बरेली जनपद प्रदेश सरकार के कई बड़े मंत्रियों का जिला होने के बावजूद निराश्रित गौवंश की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, किसान घायल हो रहे हैं और कई मामलों में लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद धरातल पर समस्या का प्रभावी समाधान दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
ग्रामीणों और किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि आक्रामक और बेसहारा गौवंश को तत्काल पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए तथा आबादी वाले क्षेत्रों को ऐसे पशुओं से मुक्त कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।









