मिडिल स्कूल पोतरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, शिक्षकों एवं स्कूली बच्चों के साथ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने किया योग…
विकासखंड लैलूंगा के मिडिल स्कूल पोतरा में आज 21 जून को 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ गांव के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योग के महत्व को समझा और अपनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे स्कूल परिसर में हुई। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। उन्होंने बताया कि नियमित योग से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों स्तर पर स्वास्थ्य बेहतर होता है।
योग प्रशिक्षक के नेतृत्व में उपस्थित सभी लोगों ने सर्वप्रथम प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और कपालभाति किया। इसके बाद ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, शशकासन और शवासन जैसे सरल योगासन कराए गए। लगभग एक घंटे तक चले इस सत्र में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी ने पूरे मनोयोग से भाग लिया।
भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में योग जैसी प्राचीन विद्या को अपनाना हर घर की जरूरत है। उन्होंने स्कूल प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर ऐसे आयोजन होने चाहिए ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सके।
आज 190 से ज्यादा देशों में 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है। यह हमारे देश के लिए गर्व की बात है।
शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि योग केवल 21 जून तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सुबह 15-20 मिनट योग करने से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है और शरीर चुस्त रहता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को योग के नियमित अभ्यास का संकल्प दिलाया गया। स्कूल परिसर “योग से निरोग” और “स्वस्थ भारत, सक्षम भारत” के नारों से गूंज उठा।
मिडिल स्कूल पोतरा के इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उन्होंने इतने बड़े स्तर पर योग किया है और अब इसे रोजाना करने की कोशिश करेंगे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। स्कूल प्रबंधन ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।









